Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
15 Oct 2016 · 1 min read

देश भक्ति अब दिलों में झिलमिलाना चाहिए।

गीतिका
देश में दीपक स्वदेशी जगमगाना चाहिए।
लोभ से बचकर हमें यह पद उठाना चाहिए।

और कितना सोए’गी आत्मा तुम्हारी रात भर।
देश के लोगो तुम्हें अब जाग जाना चाहिए।

फौज की ताकत बढाता चीन हमको लूटकर।
त्यागकर उत्पाद उसके फन दबाना चाहिए।

घिर रही आतंक की काली घटा जब बाहरी।
बंद हमको जंग भीतर की कराना चाहिए।

रोटियां निज सेंकते हैं ये सभी नेता यहाँ।
अब हमें ही कुछ नया करतब दिखाना चाहिए।

क्या रखा मतभेद में बस शांति सुख खोता सदा।
हर परिस्थिति में हमें अब सँग निभाना चाहिए।

गूंजती हैं रोज कानों में नयी नित धमकियाँ।
सुन इन्हें अब तो लहू में जोश आना चाहिए।

घोंटते अपमान से जो भी गला निज देश का।
डूब मर लें या इन्हें सिर खुद कटाना चाहिए।

सोच क्यों अब तंज ‘इषुप्रिय’ नागरिक की हो रही।
सोच में तो भक्ति देशी झिलमिलाना चाहिए।
अंकित शर्मा ‘इषुप्रिय’
रामपुर कलाँ, सबलगढ(म.प्र.)

1 Like · 442 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'
View all
You may also like:
जिन्दगी है की अब सम्हाली ही नहीं जाती है ।
जिन्दगी है की अब सम्हाली ही नहीं जाती है ।
Buddha Prakash
!! कुद़रत का संसार !!
!! कुद़रत का संसार !!
Chunnu Lal Gupta
कौआ और कोयल (दोस्ती)
कौआ और कोयल (दोस्ती)
VINOD CHAUHAN
ये आँखे हट नही रही तेरे दीदार से, पता नही
ये आँखे हट नही रही तेरे दीदार से, पता नही
Tarun Garg
*
*"रोटी"*
Shashi kala vyas
एक दिन
एक दिन
Ranjana Verma
*हुआ जब साठ का नेता (मुक्तक)*
*हुआ जब साठ का नेता (मुक्तक)*
Ravi Prakash
मानव छंद , विधान और विधाएं
मानव छंद , विधान और विधाएं
Subhash Singhai
'स्वागत प्रिये..!'
'स्वागत प्रिये..!'
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
2330.पूर्णिका
2330.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
*जय माँ झंडेया वाली*
*जय माँ झंडेया वाली*
Poonam Matia
*अज्ञानी की कलम*
*अज्ञानी की कलम*
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
छह दिसबंर / मुसाफ़िर बैठा
छह दिसबंर / मुसाफ़िर बैठा
Dr MusafiR BaithA
जेष्ठ अमावस माह का, वट सावित्री पर्व
जेष्ठ अमावस माह का, वट सावित्री पर्व
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
पढ़ना जरूर
पढ़ना जरूर
पूर्वार्थ
वह बचपन के दिन
वह बचपन के दिन
Yogi Yogendra Sharma : Motivational Speaker
क्षमा देव तुम धीर वरुण हो......
क्षमा देव तुम धीर वरुण हो......
Santosh Soni
मैं चला बन एक राही
मैं चला बन एक राही
AMRESH KUMAR VERMA
मुझको मालूम है तुमको क्यों है मुझसे मोहब्बत
मुझको मालूम है तुमको क्यों है मुझसे मोहब्बत
gurudeenverma198
Maine anshan jari rakha
Maine anshan jari rakha
Sakshi Tripathi
"सफलता"
Dr. Kishan tandon kranti
अहसासे ग़मे हिज्र बढ़ाने के लिए आ
अहसासे ग़मे हिज्र बढ़ाने के लिए आ
Sarfaraz Ahmed Aasee
सच तो यही हैं।
सच तो यही हैं।
Neeraj Agarwal
रुचि पूर्ण कार्य
रुचि पूर्ण कार्य
लक्ष्मी सिंह
तूं ऐसे बर्ताव करोगी यें आशा न थी
तूं ऐसे बर्ताव करोगी यें आशा न थी
Keshav kishor Kumar
आई वर्षा
आई वर्षा
Dr. Pradeep Kumar Sharma
तुम्हारा दूर जाना भी
तुम्हारा दूर जाना भी
Dr fauzia Naseem shad
■ हिंदी सप्ताह के समापन पर ■
■ हिंदी सप्ताह के समापन पर ■
*Author प्रणय प्रभात*
राजभवनों में बने
राजभवनों में बने
Shivkumar Bilagrami
दोस्ती
दोस्ती
Mukesh Kumar Sonkar
Loading...