Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
23 Jul 2023 · 1 min read

*देश का दर्द (मणिपुर से आहत)*

देश का दर्द (मणिपुर से आहत)
आंखें सबकी मिची हुई हैं, चारों ओर अंधेरा है।
अस्मत इज्जत तार-तार हुई, ऐसा नया सवेरा है।
देश में कितनी घटनाएं ऐसी, संख्या गिनना भारी है।
न्याय में देरी सजा में देरी, राजा की लाचारी है।
जो मीडिया शोर मचाता, अब सब के मुंह पर ताला है।
बेमतलब की चीजों पर बहस, कुछ तो गड़बड़झाला है।
कर्तव्य से विमुख हुए सब, घटना मणिपुर की देखो।
माननीय साहब सब चुप हैं, आंखें खोल कर तुम देखो।
इज्जत सबकी इज्जत होती, मां बहन तो सबके हैं।
कुछ को सुरक्षा जेड प्लस तुरन्त, कुछ क्यों रहते छुपके हैं।
कहीं मुंह पर पेशाब होता, कहीं नंगा घुमाएं नारी को।
क्यों नहीं सजा दी जाती, दुष्ट अत्याचारी को ।
ऐसे विश्व गुरु बनेंगे, खत्म करो तैयारी को।
नारी की ही इज्जत नहीं लूटी,शासन व्यवस्था फेल है।
वहशी दरिंदों को क्यों नहीं, डर सजा ना जेल है?
जाति है कि जाती नहीं, किसी जाति पर वार क्यों?
कुछ पर अत्याचार क्यों, दोगला सा व्यवहार क्यों?
इज्जत सबको प्यारी है, हम सबकी जिम्मेदारी है।
वोट की ताकत भारी है, वो ताकत भी हमारी है।
कुर्सी छीनो उस राजा से, जो इतना लाचारी है।
इस घटना से दुष्यन्त कुमार का ह्रदय, भाव विभोर में डोल गया।
लिखने को तो बहुत बचा है, पर मैं इतना बोल गया।
ऐसी घटना देखी सुनी सबने, फिर भी आप मौन हैं।
फिर जिम्मेदार कौन है, इसका जिम्मेदार कौन है?…

Language: Hindi
6 Likes · 316 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dushyant Kumar
View all
You may also like:
बड़ी कथाएँ ( लघुकथा संग्रह) समीक्षा
बड़ी कथाएँ ( लघुकथा संग्रह) समीक्षा
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
जो खत हीर को रांझा जैसे न होंगे।
जो खत हीर को रांझा जैसे न होंगे।
सत्य कुमार प्रेमी
*नभ में सबसे उच्च तिरंगा, भारत का फहराऍंगे (देशभक्ति गीत)*
*नभ में सबसे उच्च तिरंगा, भारत का फहराऍंगे (देशभक्ति गीत)*
Ravi Prakash
जल
जल
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
मैं पढ़ने कैसे जाऊं
मैं पढ़ने कैसे जाऊं
Anjana banda
*
*"बापू जी"*
Shashi kala vyas
कैसे देख पाओगे
कैसे देख पाओगे
ओंकार मिश्र
#वंदन_अभिनंदन
#वंदन_अभिनंदन
*Author प्रणय प्रभात*
बस इतनी सी अभिलाषा मेरी
बस इतनी सी अभिलाषा मेरी
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
...,,,,
...,,,,
शेखर सिंह
उनसे बिछड़ कर ना जाने फिर कहां मिले
उनसे बिछड़ कर ना जाने फिर कहां मिले
श्याम सिंह बिष्ट
शहर - दीपक नीलपदम्
शहर - दीपक नीलपदम्
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
भोजपुरी गायक
भोजपुरी गायक
Shekhar Chandra Mitra
*फ़र्ज*
*फ़र्ज*
Harminder Kaur
फूल तो फूल होते हैं
फूल तो फूल होते हैं
Neeraj Agarwal
One day you will realized that happiness was never about fin
One day you will realized that happiness was never about fin
पूर्वार्थ
चली पुजारन...
चली पुजारन...
डॉ.सीमा अग्रवाल
When we constantly search outside of ourselves for fulfillme
When we constantly search outside of ourselves for fulfillme
Manisha Manjari
गरूर मंजिलों का जब खट्टा पड़ गया
गरूर मंजिलों का जब खट्टा पड़ गया
कवि दीपक बवेजा
माँ
माँ
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
बेटी ही बेटी है सबकी, बेटी ही है माँ
बेटी ही बेटी है सबकी, बेटी ही है माँ
Anand Kumar
हिन्दी ग़ज़ल के कथ्य का सत्य +रमेशराज
हिन्दी ग़ज़ल के कथ्य का सत्य +रमेशराज
कवि रमेशराज
"आज मैंने"
Dr. Kishan tandon kranti
सीने का समंदर, अब क्या बताऊ तुम्हें
सीने का समंदर, अब क्या बताऊ तुम्हें
The_dk_poetry
नव वर्ष मंगलमय हो
नव वर्ष मंगलमय हो
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
चल‌ मनवा चलें....!!!
चल‌ मनवा चलें....!!!
Kanchan Khanna
बोलती आँखे....
बोलती आँखे....
Santosh Soni
ईश्वर
ईश्वर
Shyam Sundar Subramanian
*मन का समंदर*
*मन का समंदर*
Sûrëkhâ Rãthí
Ranjeet Shukla
Ranjeet Shukla
Ranjeet kumar Shukla
Loading...