Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
1 Feb 2024 · 1 min read

दूसरे का चलता है…अपनों का ख़लता है

दूसरे का मग़रुर होना चलता है
मगर अपनों का ग़ुरूर ख़लता है ।

दूसरे का अनर्गल प्रलाप चलता है
मगर अपनों का बुरा बोलना ख़लता है ,

दुसरे माल खायें पकवान खायें चलता है
मगर अपनों का भूखा रहना ख़लता है ,

दूसरे जालसाजी करें चलता है
मगर अपनों का कपट ख़लता है ,

दूसरे झूठ का पुलिंदे हों चलता है
मगर अपनों का असत्य ख़लता है ,

दूसरे डाका डालें डकैती करें चलता है
मगर अपनों का चोरी करना ख़लता है ,

दूसरे मतलबी हों स्वार्थी हों चलता है
मगर अपनों का खुदगर्ज़ होना ख़लता है ,

दूसरे प्रेम का पाखंड करें चलता है
मगर अपनों के प्रेम का ढ़ोंग ख़लता है ,

दूसरे जी भर कर बेईमानी करें चलता है
मगर अपनों का थोड़ा भी धोखा ख़लता है ,

दूसरे गर अपने हो जायें तो चलता है
मगर अपनों का पराया होना ख़लता है ।

स्वरचित एवं मौलिक
( ममता सिंह देवा )

54 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
अधूरापन
अधूरापन
Rohit yadav
रामलला ! अभिनंदन है
रामलला ! अभिनंदन है
Ghanshyam Poddar
खारे पानी ने भी प्यास मिटा दी है,मोहब्बत में मिला इतना गम ,
खारे पानी ने भी प्यास मिटा दी है,मोहब्बत में मिला इतना गम ,
goutam shaw
"बदलते भारत की तस्वीर"
पंकज कुमार कर्ण
*गीता - सार* (9 दोहे)
*गीता - सार* (9 दोहे)
Ravi Prakash
बड़े महंगे महगे किरदार है मेरे जिन्दगी में l
बड़े महंगे महगे किरदार है मेरे जिन्दगी में l
Ranjeet kumar patre
सांसों के सितार पर
सांसों के सितार पर
Dr. Ramesh Kumar Nirmesh
हाथों की लकीरों को हम किस्मत मानते हैं।
हाथों की लकीरों को हम किस्मत मानते हैं।
Neeraj Agarwal
आप आजाद हैं? कहीं आप जानवर तो नहीं हो गए, थोड़े पालतू थोड़े
आप आजाद हैं? कहीं आप जानवर तो नहीं हो गए, थोड़े पालतू थोड़े
Sanjay ' शून्य'
THE GREY GODDESS!
THE GREY GODDESS!
Dhriti Mishra
2258.
2258.
Dr.Khedu Bharti
life is an echo
life is an echo
पूर्वार्थ
(((((((((((((तुम्हारी गजल))))))
(((((((((((((तुम्हारी गजल))))))
Rituraj shivem verma
।।श्री सत्यनारायण व्रत कथा।।प्रथम अध्याय।।
।।श्री सत्यनारायण व्रत कथा।।प्रथम अध्याय।।
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
"ऊँची ऊँची परवाज़ - Flying High"
Sidhartha Mishra
वो नए सफर, वो अनजान मुलाकात- इंटरनेट लव
वो नए सफर, वो अनजान मुलाकात- इंटरनेट लव
कुमार
जब हम सोचते हैं कि हमने कुछ सार्थक किया है तो हमें खुद पर गर
जब हम सोचते हैं कि हमने कुछ सार्थक किया है तो हमें खुद पर गर
ललकार भारद्वाज
🌹🌹🌹शुभ दिवाली🌹🌹🌹
🌹🌹🌹शुभ दिवाली🌹🌹🌹
umesh mehra
प्रेम अपाहिज ठगा ठगा सा, कली भरोसे की कुम्हलाईं।
प्रेम अपाहिज ठगा ठगा सा, कली भरोसे की कुम्हलाईं।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
चलना सिखाया आपने
चलना सिखाया आपने
लक्ष्मी सिंह
* मायने हैं *
* मायने हैं *
surenderpal vaidya
"वक्त" भी बड़े ही कमाल
नेताम आर सी
छत्तीसगढ़ी हाइकु
छत्तीसगढ़ी हाइकु
Dr. Pradeep Kumar Sharma
खुशबू चमन की।
खुशबू चमन की।
Taj Mohammad
रमेशराज की चिड़िया विषयक मुक्तछंद कविताएँ
रमेशराज की चिड़िया विषयक मुक्तछंद कविताएँ
कवि रमेशराज
मित्रता का मोल
मित्रता का मोल
DrLakshman Jha Parimal
चले ससुराल पँहुचे हवालात
चले ससुराल पँहुचे हवालात
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
दिल से रिश्ते
दिल से रिश्ते
Dr fauzia Naseem shad
"अपेक्षाएँ"
Dr. Kishan tandon kranti
#शेर-
#शेर-
*Author प्रणय प्रभात*
Loading...