Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
5 Mar 2023 · 1 min read

दर्द

इस दिल पे कोई काबू नहीं रहता ,
मुस्कुराने की कोशिश भी करें ,
तो ये दिल नहीं मानता ,
ग़म छुपाने की लाख कोशिश भी करें ,
तो भी दर्द आँसू बनकर छलक ही जाता है ,
कोई समझ क्यूँ नहीं पाता, हम भी इंसान हैं ,
हम भी दिल रखते हैं , दर्द से ना अनजान हैं ,
ठेस लगती है , तो हमारा दिल जब रोता है ,
आँसुओं का बांध तोड़कर दामन भिगो जाता है ,
भँवर में डूबती उस कश्ती की तरह हम हैं ,
जिसका कोई सहारा नहीं है ,
उन बिन बरसे बादलों की तरह हम हैं ,
जो लौट जाने के लिए ही बने हैं ,
आसमान में इतने सितारे जो हैं ,
उनमें कोई भी सितारा हमारी तक़दीर का नही है ,
इस- क़दर अश्कों में डूबी
ये ज़िंदगी गुज़र जाएगी ,
फ़ना होकर हमारी याद
किसी को ना आएगी।

Language: Hindi
358 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Shyam Sundar Subramanian
View all
You may also like:
■ आज का विचार...।।
■ आज का विचार...।।
*Author प्रणय प्रभात*
अंदाज़े बयाँ
अंदाज़े बयाँ
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
किसी विशेष व्यक्ति के पिछलगगु बनने से अच्छा है आप खुद विशेष
किसी विशेष व्यक्ति के पिछलगगु बनने से अच्छा है आप खुद विशेष
Vivek Ahuja
* ऋतुराज *
* ऋतुराज *
surenderpal vaidya
जब तक हयात हो
जब तक हयात हो
Dr fauzia Naseem shad
मौहब्बत में किसी के गुलाब का इंतजार मत करना।
मौहब्बत में किसी के गुलाब का इंतजार मत करना।
Phool gufran
एक ही तो, निशा बचा है,
एक ही तो, निशा बचा है,
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
औरों की खुशी के लिए ।
औरों की खुशी के लिए ।
Buddha Prakash
वो,
वो,
हिमांशु Kulshrestha
बम से दुश्मन मार गिराए( बाल कविता )
बम से दुश्मन मार गिराए( बाल कविता )
Ravi Prakash
आपके आसपास
आपके आसपास
Dr.Rashmi Mishra
जरूरी नहीं ऐसा ही हो तब
जरूरी नहीं ऐसा ही हो तब
gurudeenverma198
आकाश के नीचे
आकाश के नीचे
मनमोहन लाल गुप्ता 'अंजुम'
रामराज्य
रामराज्य
Suraj Mehra
जिनके जानें से जाती थी जान भी मैंने उनका जाना भी देखा है अब
जिनके जानें से जाती थी जान भी मैंने उनका जाना भी देखा है अब
Vishvendra arya
क्या मुझसे दोस्ती करोगे?
क्या मुझसे दोस्ती करोगे?
Naushaba Suriya
मौत के लिए किसी खंज़र की जरूरत नहीं,
मौत के लिए किसी खंज़र की जरूरत नहीं,
लक्ष्मी सिंह
जो भी मिलता है उससे हम
जो भी मिलता है उससे हम
Shweta Soni
हम में,तुम में दूरी क्यू है
हम में,तुम में दूरी क्यू है
Keshav kishor Kumar
शरद पूर्णिमा
शरद पूर्णिमा
Raju Gajbhiye
*Each moment again I save*
*Each moment again I save*
Poonam Matia
2660.*पूर्णिका*
2660.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
वक्ता का है तकाजा जरा तुम सुनो।
वक्ता का है तकाजा जरा तुम सुनो।
कुंवर तुफान सिंह निकुम्भ
चेहरे की शिकन देख कर लग रहा है तुम्हारी,,,
चेहरे की शिकन देख कर लग रहा है तुम्हारी,,,
शेखर सिंह
चंद सिक्के उम्मीदों के डाल गुल्लक में
चंद सिक्के उम्मीदों के डाल गुल्लक में
सिद्धार्थ गोरखपुरी
********* बुद्धि  शुद्धि  के दोहे *********
********* बुद्धि शुद्धि के दोहे *********
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
रामकली की दिवाली
रामकली की दिवाली
Dr. Pradeep Kumar Sharma
दिल तोड़ने की बाते करने करने वाले ही होते है लोग
दिल तोड़ने की बाते करने करने वाले ही होते है लोग
shabina. Naaz
गुम लफ्ज़
गुम लफ्ज़
Akib Javed
हरे भरे खेत
हरे भरे खेत
जगदीश लववंशी
Loading...