Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
29 Dec 2022 · 1 min read

दर्द अपना है तो तकलीफ़ भी अपनी होगी

कौन बाँट सकता है भला किसी के ग़म को ।
दर्द अपना है तो तकलीफ़ भी अपनी होगी ।।

डाॅ फौज़िया नसीम शाद

Language: Hindi
Tag: शेर
9 Likes · 1 Comment · 250 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr fauzia Naseem shad
View all
You may also like:
जब सांझ ढले तुम आती हो
जब सांझ ढले तुम आती हो
Dilip Kumar
बहुजन दीवाली
बहुजन दीवाली
Shekhar Chandra Mitra
जिंदगी
जिंदगी
अखिलेश 'अखिल'
#आलेख
#आलेख
*Author प्रणय प्रभात*
क्या यह महज संयोग था या कुछ और.... (3)
क्या यह महज संयोग था या कुछ और.... (3)
Dr. Pradeep Kumar Sharma
अपने आँसू
अपने आँसू
डॉ०छोटेलाल सिंह 'मनमीत'
गीत
गीत
Shiva Awasthi
सोनेवानी के घनघोर जंगल
सोनेवानी के घनघोर जंगल
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
* हो जाता ओझल *
* हो जाता ओझल *
surenderpal vaidya
जिंदगी
जिंदगी
विजय कुमार अग्रवाल
मेरे नन्हें-नन्हें पग है,
मेरे नन्हें-नन्हें पग है,
Buddha Prakash
केहिकी करैं बुराई भइया,
केहिकी करैं बुराई भइया,
Kaushal Kumar Pandey आस
जिंदगी के तराने
जिंदगी के तराने
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
दीवाली
दीवाली
Dr. Ramesh Kumar Nirmesh
*** शुक्रगुजार हूँ ***
*** शुक्रगुजार हूँ ***
Chunnu Lal Gupta
हे दिल ओ दिल, तेरी याद बहुत आती है हमको
हे दिल ओ दिल, तेरी याद बहुत आती है हमको
gurudeenverma198
23/174.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/174.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
रहता हूँ  ग़ाफ़िल, मख़लूक़ ए ख़ुदा से वफ़ा चाहता हूँ
रहता हूँ ग़ाफ़िल, मख़लूक़ ए ख़ुदा से वफ़ा चाहता हूँ
Mohd Anas
उसको उसके घर उतारूंगा मैं अकेला ही घर जाऊंगा
उसको उसके घर उतारूंगा मैं अकेला ही घर जाऊंगा
कवि दीपक बवेजा
अंधेरों रात और चांद का दीदार
अंधेरों रात और चांद का दीदार
Charu Mitra
Trying to look good.....
Trying to look good.....
सिद्धार्थ गोरखपुरी
पितृ दिवस की शुभकामनाएं
पितृ दिवस की शुभकामनाएं
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
नजरिया
नजरिया
नेताम आर सी
ऋतुराज
ऋतुराज
हिमांशु बडोनी (दयानिधि)
त्याग
त्याग
डॉ. श्री रमण 'श्रीपद्'
तुम ढाल हो मेरी
तुम ढाल हो मेरी
गुप्तरत्न
आ जाये मधुमास प्रिय
आ जाये मधुमास प्रिय
Satish Srijan
*हमें कर्तव्य के पथ पर, बढ़ाती कृष्ण की गीता (हिंदी गजल/ गीतिका)*
*हमें कर्तव्य के पथ पर, बढ़ाती कृष्ण की गीता (हिंदी गजल/ गीतिका)*
Ravi Prakash
If I were the ocean,
If I were the ocean,
पूर्वार्थ
"बुद्धिमानी"
Dr. Kishan tandon kranti
Loading...