Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
18 Apr 2018 · 1 min read

दर्दो को कागजो पर लिखता रहा —आर के रस्तोगी

जिन्दगी के दर्दो को,कागजो पर लिखता रहा
मै बेचैन था इसलिए सारी रात जगता रहा

जिन्दगी के दर्दो को,सबसे छिपाता रहा
कोई पढ़ न ले,लिख कर मिटाता रहा

मेरे दामन में खुशिया कम् थी,दर्द बेसुमार थे
खुशियों को बाँट कर,अपने दर्दो को मिटाता रहा

मै खुशियों को ढूढता रहा,गमो के बीच रहकर
वे खुशियों को छीनते रहे,मै गमो में तडफता रहा

जिनको जल्दी थी,वो बढ़ चले मंजिल की ओर
मै समंदर से राज, गहराई के सीखता रहा

बदले रंग सभी ने यहाँ,गिरगिट की तरह
रंग मेरा निखरा पर मेहँदी की तरह पिसता रहा

आर के रस्तोगी

1 Like · 1 Comment · 270 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Ram Krishan Rastogi
View all
You may also like:
बन गए हम तुम्हारी याद में, कबीर सिंह
बन गए हम तुम्हारी याद में, कबीर सिंह
The_dk_poetry
दोहा
दोहा
गुमनाम 'बाबा'
राम मंदिर
राम मंदिर
Sanjay ' शून्य'
आदिपुरुष फ़िल्म
आदिपुरुष फ़िल्म
Dr Archana Gupta
रास्ता तुमने दिखाया...
रास्ता तुमने दिखाया...
डॉ.सीमा अग्रवाल
*न धन-दौलत न पदवी के, तुम्हारे बस सहारे हैं (हिंदी गजल)*
*न धन-दौलत न पदवी के, तुम्हारे बस सहारे हैं (हिंदी गजल)*
Ravi Prakash
दो दिन की जिंदगी है अपना बना ले कोई।
दो दिन की जिंदगी है अपना बना ले कोई।
Phool gufran
"अन्तरिक्ष यान"
Dr. Kishan tandon kranti
ମାଟିରେ କିଛି ନାହିଁ
ମାଟିରେ କିଛି ନାହିଁ
Otteri Selvakumar
* चली रे चली *
* चली रे चली *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
पहला अहसास
पहला अहसास
Falendra Sahu
कविता
कविता
Rambali Mishra
कलियुग
कलियुग
Prakash Chandra
कुशादा
कुशादा
Mamta Rani
बिगड़ी किश्मत बन गयी मेरी,
बिगड़ी किश्मत बन गयी मेरी,
Satish Srijan
2122 :1222 : 122: 12 :: एक बार जो पहना …..
2122 :1222 : 122: 12 :: एक बार जो पहना …..
sushil yadav
*कैसे  बताएँ  कैसे जताएँ*
*कैसे बताएँ कैसे जताएँ*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
छोड़ो  भी  यह  बात  अब , कैसे  बीती  रात ।
छोड़ो भी यह बात अब , कैसे बीती रात ।
sushil sarna
कंटक जीवन पथ के राही
कंटक जीवन पथ के राही
AJAY AMITABH SUMAN
चीरहरण
चीरहरण
Acharya Rama Nand Mandal
बेदर्दी मौसम🙏
बेदर्दी मौसम🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
ग़रीबी भरे बाजार मे पुरुष को नंगा कर देती है
ग़रीबी भरे बाजार मे पुरुष को नंगा कर देती है
शेखर सिंह
“ मैथिली ग्रुप आ मिथिला राज्य ”
“ मैथिली ग्रुप आ मिथिला राज्य ”
DrLakshman Jha Parimal
गुनाह लगता है किसी और को देखना
गुनाह लगता है किसी और को देखना
Trishika S Dhara
केवल
केवल
Shweta Soni
दोस्तों
दोस्तों
Sunil Maheshwari
शीर्षक:जय जय महाकाल
शीर्षक:जय जय महाकाल
Dr Manju Saini
उच्च पदों पर आसीन
उच्च पदों पर आसीन
Dr.Rashmi Mishra
3656.💐 *पूर्णिका* 💐
3656.💐 *पूर्णिका* 💐
Dr.Khedu Bharti
डर के आगे जीत।
डर के आगे जीत।
Anil Mishra Prahari
Loading...