Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
25 Sep 2016 · 1 min read

तेरी फ़िक्र क्यों करता दिल मेरा/मंदीप

तेरी फ़िक्र क्यों करता दिल मेरा/मंदीप

तेरी फ़िक्र क्यों करता दिल मेरा मुझे पता नही,
हर पल तेरा जिक्र क्यों करता दिल मेरा मुझे पता नही।

तुम को चाहने की आदत सी हो गई,
ये आदत अच्छी है या बुरी पता नही।

देखे जो तेरे संग जो सपने जीने के,
वो कभी पुरे होंगे या नही पता नही।

तुम हो तो में हूँ इस जहान में,
उस के बाद क्या होगा कुछ पता नही।

पीड़ चलने लगी तेरे नाम की मेरे गात में,
ये कब ठीक होगी या नही मुझे पता नही।

है इंतजार “मंदीप” को एक होने का,
कब हम एक होंगे या नही पता नही।

मंदीपसाई

339 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
Thought
Thought
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
हर एक चेहरा निहारता
हर एक चेहरा निहारता
goutam shaw
बढ़ता कदम बढ़ाता भारत
बढ़ता कदम बढ़ाता भारत
AMRESH KUMAR VERMA
वक़्त के साथ
वक़्त के साथ
Dr fauzia Naseem shad
💐अज्ञात के प्रति-33💐
💐अज्ञात के प्रति-33💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
दिव्य दर्शन है कान्हा तेरा
दिव्य दर्शन है कान्हा तेरा
Neelam Sharma
Tu itna majbur kyu h , gairo me mashur kyu h
Tu itna majbur kyu h , gairo me mashur kyu h
Sakshi Tripathi
बहुजन दीवाली
बहुजन दीवाली
Shekhar Chandra Mitra
परित्यक्ता
परित्यक्ता
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
मात खा जाएगा बेटा!
मात खा जाएगा बेटा!
*Author प्रणय प्रभात*
*चाटुकार*
*चाटुकार*
Dushyant Kumar
*घर में तो सोना भरा, मुझ पर गरीबी छा गई (हिंदी गजल)
*घर में तो सोना भरा, मुझ पर गरीबी छा गई (हिंदी गजल)
Ravi Prakash
पुलवामा वीरों को नमन
पुलवामा वीरों को नमन
Satish Srijan
लतियाते रहिये
लतियाते रहिये
विजय कुमार नामदेव
मेरे   परीकल्पनाओं   की   परिणाम   हो  तुम
मेरे परीकल्पनाओं की परिणाम हो तुम
पूर्वार्थ
आज की प्रस्तुति: भाग 3
आज की प्रस्तुति: भाग 3
Rajeev Dutta
कर न चर्चा हसीन ख्वाबों का।
कर न चर्चा हसीन ख्वाबों का।
सत्य कुमार प्रेमी
*भूकंप का मज़हब* ( 20 of 25 )
*भूकंप का मज़हब* ( 20 of 25 )
Kshma Urmila
हमारी मोहब्बत का अंजाम कुछ ऐसा हुआ
हमारी मोहब्बत का अंजाम कुछ ऐसा हुआ
Vishal babu (vishu)
** बहाना ढूंढता है **
** बहाना ढूंढता है **
surenderpal vaidya
कभी फौजी भाइयों पर दुश्मनों के
कभी फौजी भाइयों पर दुश्मनों के
ओनिका सेतिया 'अनु '
वो गली भी सूनी हों गयीं
वो गली भी सूनी हों गयीं
The_dk_poetry
गंणपति
गंणपति
Anil chobisa
झर-झर बरसे नयन हमारे ज्यूँ झर-झर बदरा बरसे रे
झर-झर बरसे नयन हमारे ज्यूँ झर-झर बदरा बरसे रे
हरवंश हृदय
*जिंदगी के  हाथो वफ़ा मजबूर हुई*
*जिंदगी के हाथो वफ़ा मजबूर हुई*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
पर्यावरण-संरक्षण
पर्यावरण-संरक्षण
Kanchan Khanna
भाप बना पानी सागर से
भाप बना पानी सागर से
AJAY AMITABH SUMAN
कब गुज़रा वो लड़कपन,
कब गुज़रा वो लड़कपन,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
তোমার চরণে ঠাঁই দাও আমায় আলতা করে
তোমার চরণে ঠাঁই দাও আমায় আলতা করে
Arghyadeep Chakraborty
मीलों का सफर तय किया है हमने
मीलों का सफर तय किया है हमने
कवि दीपक बवेजा
Loading...