Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
16 Oct 2023 · 1 min read

तुम होते हो नाराज़ तो,अब यह नहीं करेंगे

तुम होते हो नाराज तो, अब यह नहीं करेंगे।
नहीं मिलेंगे तुमसे अब, बात हम नहीं करेंगे।।
तुम होते हो नाराज तो———————–।।

हमको क्या खबर , तुमको क्या पसंद नहीं है।
अब तुमसे कोई जिद्द कभी, हम नहीं करेंगे।।
तुम होते हो नाराज तो———————–।।

हमने तो समझा यही था, तुम हमारे जैसे हो।
कोई सवाल तेरे गम पर अब, हम नहीं करेंगे।।
तुम होते हो नाराज तो———————–।।

हमने तो माना नहीं था, तुमको बेवफा हमसे।
शिरकत तेरी महफ़िल अब, हम नहीं करेंगे।।
तुम होते हो नाराज तो———————–।।

हम भी वहाँ जाते नहीं, जहाँ मिलता सम्मान नहीं।
ठीक है तारीफ तुम्हारी, अब हम नहीं करेंगे।।
तुम होते हो नाराज तो———————–।।

शिक्षक एवं साहित्यकार
गुरुदीन वर्मा उर्फ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)

226 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
खुद से उम्मीद लगाओगे तो खुद को निखार पाओगे
खुद से उम्मीद लगाओगे तो खुद को निखार पाओगे
ruby kumari
इस तरहां बिताये मैंने, तन्हाई के पल
इस तरहां बिताये मैंने, तन्हाई के पल
gurudeenverma198
!! फूल चुनने वाले भी‌ !!
!! फूल चुनने वाले भी‌ !!
Chunnu Lal Gupta
मुस्कुराकर देखिए /
मुस्कुराकर देखिए /
ईश्वर दयाल गोस्वामी
2592.पूर्णिका
2592.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
-- दिव्यांग --
-- दिव्यांग --
गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
मैं और मेरा यार
मैं और मेरा यार
Radha jha
अपने हाथ,
अपने हाथ,
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
जगत का हिस्सा
जगत का हिस्सा
Harish Chandra Pande
मोहन तुम से तुम्हीं हो, ग्रथित अनन्वय श्लेष।
मोहन तुम से तुम्हीं हो, ग्रथित अनन्वय श्लेष।
डॉ.सीमा अग्रवाल
अगर प्यार करना गुनाह है,
अगर प्यार करना गुनाह है,
Dr. Man Mohan Krishna
💐 Prodigy Love-25💐
💐 Prodigy Love-25💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
कोशिस करो कि दोगले लोगों से
कोशिस करो कि दोगले लोगों से
Shankar N aanjna
विद्यार्थी को तनाव थका देता है पढ़ाई नही थकाती
विद्यार्थी को तनाव थका देता है पढ़ाई नही थकाती
पूर्वार्थ
अपनी हीं क़ैद में हूँ
अपनी हीं क़ैद में हूँ
Shweta Soni
विलीन
विलीन
sushil sarna
मैंने चांद से पूछा चहरे पर ये धब्बे क्यों।
मैंने चांद से पूछा चहरे पर ये धब्बे क्यों।
सत्य कुमार प्रेमी
देवतुल्य है भाई मेरा
देवतुल्य है भाई मेरा
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
#शेर
#शेर
*Author प्रणय प्रभात*
रमेशराज के विरोधरस दोहे
रमेशराज के विरोधरस दोहे
कवि रमेशराज
वो किताब अब भी जिन्दा है।
वो किताब अब भी जिन्दा है।
दुर्गा प्रसाद नाग
क्यों ? मघुर जीवन बर्बाद कर
क्यों ? मघुर जीवन बर्बाद कर
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
कोरोना संक्रमण
कोरोना संक्रमण
Dr. Pradeep Kumar Sharma
कुछ ही लोगों का जन्म दुनियां को संवारने के लिए होता है। अधिक
कुछ ही लोगों का जन्म दुनियां को संवारने के लिए होता है। अधिक
मनमोहन लाल गुप्ता 'अंजुम'
बेहतर है गुमनाम रहूं,
बेहतर है गुमनाम रहूं,
Amit Pathak
नारियां
नारियां
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
बचपन, जवानी, बुढ़ापा (तीन मुक्तक)
बचपन, जवानी, बुढ़ापा (तीन मुक्तक)
Ravi Prakash
आप और हम जीवन के सच............. हमारी सोच
आप और हम जीवन के सच............. हमारी सोच
Neeraj Agarwal
"आँसू"
Dr. Kishan tandon kranti
कमाल करते हैं वो भी हमसे ये अनोखा रिश्ता जोड़ कर,
कमाल करते हैं वो भी हमसे ये अनोखा रिश्ता जोड़ कर,
Vishal babu (vishu)
Loading...