Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings

तुम वही हो

तुम वही हो ना,
जो अक्सर आकर मेरे कान में कुछ कहते हो,
मेरी तनहाइयों में कुछ गुनगुनाते हो,
जो मुझे ख्वाब देखने का बढ़ावा देते हो,
हाँ तुम वही तो हो,
जो अक्सर मेरी अंतरात्मा को झकझोरते हो,
मेरे मन के तारों को गुंजायमान करते हो,
मेरी भावनाओं को तरंगित करते हो
तुम वही हो ना,
जो चाहता है मैं संघर्ष करूँ,
जिसको हर पल हर लम्हा सोचूँ,
जो मेरी हर साँस खुद को ढूंढता है,
वही हो ना तुम,
जो मेरी यादों में रहना चाहते हो,
जो मेरी बातों में रहना चाहते हो,
जो मुझमे अपना अस्तित्व बनाना चाहता है,
तुम वही हो ना……..

“संदीप कुमार”

363 Views
You may also like:
जागो राजू, जागो...
मनोज कर्ण
तप रहे हैं दिन घनेरे / (तपन का नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
।। मेरे तात ।।
Akash Yadav
रात तन्हा सी
Dr fauzia Naseem shad
"पिता का जीवन"
पंकज कुमार कर्ण
इश्क कोई बुरी बात नहीं
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
नास्तिक सदा ही रहना...
मनोज कर्ण
पीला पड़ा लाल तरबूज़ / (गर्मी का गीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
टूटा हुआ दिल
Anamika Singh
दो पल मोहब्बत
श्री रमण 'श्रीपद्'
मेरे पिता है प्यारे पिता
Vishnu Prasad 'panchotiya'
काफ़िर का ईमाँ
DEVSHREE PAREEK 'ARPITA'
दिल ज़रूरी है
Dr fauzia Naseem shad
कर्म का मर्म
Pooja Singh
ओ मेरे साथी ! देखो
Anamika Singh
✍️कश्मकश भरी ज़िंदगी ✍️
Vaishnavi Gupta
अधर मौन थे, मौन मुखर था...
डॉ.सीमा अग्रवाल
गुरुजी!
Vishnu Prasad 'panchotiya'
गाँव की साँझ / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
सोलह शृंगार
श्री रमण 'श्रीपद्'
समय को भी तलाश है ।
Abhishek Pandey Abhi
काश मेरा बचपन फिर आता
साहित्य लेखन- एहसास और जज़्बात
रेलगाड़ी- ट्रेनगाड़ी
Buddha Prakash
कोई खामोशियां नहीं सुनता
Dr fauzia Naseem shad
ठोडे का खेल
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
मेरा खुद पर यकीन न खोता
Dr fauzia Naseem shad
सपना आंखों में
Dr fauzia Naseem shad
पिता
Neha Sharma
जय जय भारत देश महान......
Buddha Prakash
'दुष्टों का नाश करें' (ओज - रस)
Vishnu Prasad 'panchotiya'
Loading...