Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
30 Jun 2023 · 1 min read

तुम्हारी है जुस्तजू

हमको तो है बस ,तुम्हारी ही जुस्तजू।
जाने कब आयेगा,तू हमारे रूबरू।

ये अंधेरे रहे हैं ‌, हमेशा हमसफ़र मेरे
रोशनी की एक किरण,बस तू ही तू।

जैसे नम हो जाती है, तुझे याद कर के
हाल ऐसा तेरा होगा, याद रखना हू-ब-हू।

सजदे में जबीं‌ है, खुदा अब तो सुन ले
दुआ कर कबूल, रह जाये मेरी आबरू।

सुरिंदर कौर

Language: Hindi
1 Like · 130 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Surinder blackpen
View all
You may also like:
झूठ के सागर में डूबते आज के हर इंसान को देखा
झूठ के सागर में डूबते आज के हर इंसान को देखा
इंजी. संजय श्रीवास्तव
3198.*पूर्णिका*
3198.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
गजब हुआ जो बाम पर,
गजब हुआ जो बाम पर,
sushil sarna
शिक्षक
शिक्षक
Mukesh Kumar Sonkar
ये रब की बनाई हुई नेमतें
ये रब की बनाई हुई नेमतें
Shweta Soni
तख्तापलट
तख्तापलट
Shekhar Chandra Mitra
मैं तो महज एक ख्वाब हूँ
मैं तो महज एक ख्वाब हूँ
VINOD CHAUHAN
मुक्तक
मुक्तक
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
श्रीमान - श्रीमती
श्रीमान - श्रीमती
Kanchan Khanna
हर पल ये जिंदगी भी कोई खास नहीं होती ।
हर पल ये जिंदगी भी कोई खास नहीं होती ।
Phool gufran
■ आज का विचार...
■ आज का विचार...
*प्रणय प्रभात*
इंसान दुनिया जमाने से भले झूठ कहे
इंसान दुनिया जमाने से भले झूठ कहे
ruby kumari
अंगड़ाई
अंगड़ाई
भरत कुमार सोलंकी
शिव तेरा नाम
शिव तेरा नाम
Swami Ganganiya
* का बा v /s बा बा *
* का बा v /s बा बा *
Mukta Rashmi
ये जो दुनियादारी समझाते फिरते हैं,
ये जो दुनियादारी समझाते फिरते हैं,
ओसमणी साहू 'ओश'
" पुराने साल की बिदाई "
DrLakshman Jha Parimal
काग़ज़ ना कोई क़लम,
काग़ज़ ना कोई क़लम,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
रिटर्न गिफ्ट
रिटर्न गिफ्ट
विनोद सिल्ला
जिन्होंने भारत को लूटा फैलाकर जाल
जिन्होंने भारत को लूटा फैलाकर जाल
Rakesh Panwar
जब किसी बुजुर्ग इंसान को करीब से देख महसूस करो तो पता चलता ह
जब किसी बुजुर्ग इंसान को करीब से देख महसूस करो तो पता चलता ह
Shashi kala vyas
एक प्रार्थना
एक प्रार्थना
Bindesh kumar jha
सत्ता परिवर्तन
सत्ता परिवर्तन
Dr. Pradeep Kumar Sharma
और तो क्या ?
और तो क्या ?
gurudeenverma198
जय माँ कालरात्रि 🙏
जय माँ कालरात्रि 🙏
डॉ.सीमा अग्रवाल
वारिस हुई
वारिस हुई
Dinesh Kumar Gangwar
वो बदल रहे हैं।
वो बदल रहे हैं।
Taj Mohammad
जवाब के इन्तजार में हूँ
जवाब के इन्तजार में हूँ
Pratibha Pandey
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
*स्वच्छ गली-घर रखना सीखो (बाल कविता)*
*स्वच्छ गली-घर रखना सीखो (बाल कविता)*
Ravi Prakash
Loading...