Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
23 Jul 2023 · 1 min read

तुम्हारी बातों में ही

तुम्हारी बातों में ही
कोई जादू था
या तिलिस्म सा था कुछ
हर बार, दूर मुझ से जा रहे थे तुम
और करीब समझता रहा मैं

हिमांशु Kulshreshtha

1 Like · 200 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
'स्वागत प्रिये..!'
'स्वागत प्रिये..!'
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
"जरा गौर करिए तो"
Dr. Kishan tandon kranti
अभिव्यक्ति
अभिव्यक्ति
Punam Pande
" मैं फिर उन गलियों से गुजरने चली हूँ "
Aarti sirsat
मेरा नौकरी से निलंबन?
मेरा नौकरी से निलंबन?
ऐ./सी.राकेश देवडे़ बिरसावादी
सूखी टहनियों को सजा कर
सूखी टहनियों को सजा कर
Harminder Kaur
दिल पर साजे बस हिन्दी भाषा
दिल पर साजे बस हिन्दी भाषा
Sandeep Pande
जो जुल्फों के साये में पलते हैं उन्हें राहत नहीं मिलती।
जो जुल्फों के साये में पलते हैं उन्हें राहत नहीं मिलती।
Phool gufran
It always seems impossible until It's done
It always seems impossible until It's done
Naresh Kumar Jangir
मैं आँखों से जो कह दूं,
मैं आँखों से जो कह दूं,
Swara Kumari arya
#लघुकथा / #बेरहमी
#लघुकथा / #बेरहमी
*Author प्रणय प्रभात*
😟 काश ! इन पंक्तियों में आवाज़ होती 😟
😟 काश ! इन पंक्तियों में आवाज़ होती 😟
Shivkumar barman
शिव वन्दना
शिव वन्दना
Namita Gupta
शीर्षक - स्वप्न
शीर्षक - स्वप्न
Neeraj Agarwal
कर क्षमा सब भूल मैं छूता चरण
कर क्षमा सब भूल मैं छूता चरण
Basant Bhagawan Roy
" सब किमे बदलग्या "
Dr Meenu Poonia
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
बनें जुगनू अँधेरों में सफ़र आसान हो जाए
बनें जुगनू अँधेरों में सफ़र आसान हो जाए
आर.एस. 'प्रीतम'
किसी अंधेरी कोठरी में बैठा वो एक ब्रम्हराक्षस जो जानता है सब
किसी अंधेरी कोठरी में बैठा वो एक ब्रम्हराक्षस जो जानता है सब
Utkarsh Dubey “Kokil”
डॉ अरूण कुमार शास्त्री
डॉ अरूण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
2790. *पूर्णिका*
2790. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
"बेचारा किसान"
Dharmjay singh
*किसान*
*किसान*
Dushyant Kumar
मातु काल रात्रि
मातु काल रात्रि
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
खुद्दार
खुद्दार
अखिलेश 'अखिल'
मुहब्बत
मुहब्बत
बादल & बारिश
"" *चाय* ""
सुनीलानंद महंत
*चुनावी कुंडलिया*
*चुनावी कुंडलिया*
Ravi Prakash
रद्दी के भाव बिक गयी मोहब्बत मेरी
रद्दी के भाव बिक गयी मोहब्बत मेरी
Abhishek prabal
दायरे से बाहर (आज़ाद गज़लें)
दायरे से बाहर (आज़ाद गज़लें)
AJAY PRASAD
Loading...