Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
18 Feb 2024 · 1 min read

तिरंगा

तिरंगा

नील गगन में लहराए तिरंगा
भारतवर्ष की शान है तिरंगा।
केसरिया रंग प्रतीक त्याग का
श्वेत शांति और हरा समृद्धि का।
अशोक-चक्र सर्व-धर्म-समभाव
और सत्य का संदेश देता जग को।
चाहे प्राण भी देना पड़ जाए
झुकने न देंगे हम तिरंगे को।
नील गगन में लहराए तिरंगा
भारतवर्ष की शान है तिरंगा।
– प्रदीप कुमार शर्मा
रायपुर, छत्तीसगढ़

61 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
ग़ज़ल/नज़्म - शाम का ये आसमांँ आज कुछ धुंधलाया है
ग़ज़ल/नज़्म - शाम का ये आसमांँ आज कुछ धुंधलाया है
अनिल कुमार
निरुपाय हूँ /MUSAFIR BAITHA
निरुपाय हूँ /MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
* धन्य अयोध्याधाम है *
* धन्य अयोध्याधाम है *
surenderpal vaidya
Ranjeet Kumar Shukla
Ranjeet Kumar Shukla
Ranjeet Kumar Shukla
चेहरे के पीछे चेहरा और उस चेहरे पर भी नकाब है।
चेहरे के पीछे चेहरा और उस चेहरे पर भी नकाब है।
सिद्धार्थ गोरखपुरी
3131.*पूर्णिका*
3131.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
जमाने की अगर कह दूँ, जमाना रूठ जाएगा ।
जमाने की अगर कह दूँ, जमाना रूठ जाएगा ।
Ashok deep
मोर
मोर
Manu Vashistha
*अज्ञानी की कलम*
*अज्ञानी की कलम*
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
*मैं बच्चों की तरह हर रोज, सारे काम करता हूँ (हिंदी गजल/गीति
*मैं बच्चों की तरह हर रोज, सारे काम करता हूँ (हिंदी गजल/गीति
Ravi Prakash
परेशान देख भी चुपचाप रह लेती है
परेशान देख भी चुपचाप रह लेती है
Keshav kishor Kumar
दर्द ए दिल बयां करु किससे,
दर्द ए दिल बयां करु किससे,
Radha jha
किसी की लाचारी पर,
किसी की लाचारी पर,
Dr. Man Mohan Krishna
कृतज्ञ बनें
कृतज्ञ बनें
Sanjay ' शून्य'
"काश"
Dr. Kishan tandon kranti
वन गमन
वन गमन
Shashi Mahajan
" मँगलमय नव-वर्ष-2024 "
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
चिंता अस्थाई है
चिंता अस्थाई है
Sueta Dutt Chaudhary Fiji
भरत मिलाप
भरत मिलाप
अटल मुरादाबादी, ओज व व्यंग कवि
“ प्रेमक बोल सँ लोक केँ जीत सकैत छी ”
“ प्रेमक बोल सँ लोक केँ जीत सकैत छी ”
DrLakshman Jha Parimal
!..........!
!..........!
शेखर सिंह
राह देखेंगे तेरी इख़्तिताम की हद तक,
राह देखेंगे तेरी इख़्तिताम की हद तक,
Neelam Sharma
कोयल (बाल कविता)
कोयल (बाल कविता)
नाथ सोनांचली
मेरा बचपन
मेरा बचपन
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
दीवार में दरार
दीवार में दरार
VINOD CHAUHAN
प्यारी-प्यारी सी पुस्तक
प्यारी-प्यारी सी पुस्तक
SHAMA PARVEEN
मजा आता है पीने में
मजा आता है पीने में
Basant Bhagawan Roy
चंद आंसूओं से भी रौशन होती हैं ये सारी जमीं,
चंद आंसूओं से भी रौशन होती हैं ये सारी जमीं,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
नकारात्मकता फैलानी हो तो
नकारात्मकता फैलानी हो तो
*प्रणय प्रभात*
सॉप और इंसान
सॉप और इंसान
Prakash Chandra
Loading...