Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
31 Jan 2024 · 1 min read

झरते फूल मोहब्ब्त के

झरते फूल मोहब्बत के

प्रेम का बस्ता खोला हमने निकले ढाई अक्षर
इनको पढ़ा तो घूम गया सर
गणित का कैसा फैला जंतर-मंतर का जाल
पढ़ू लिखूं लिखूं पढ़ू यह भी एक पहेली हैं
हिंदी डंडा मात्रा बिंदू होने पर भी प्रिय सहेली है
कविता शब्दों और अलंकारों की झंकार लिए
झरते फूल मोहब्ब्त मानो कोई निराला राग लिए
नेपथ्य हमेशा रंग बदलता जीने का ढंग बदलता
किरदारों का जन्म इसी नेपथ्य में होता रहता है
प्रेम का बस्ता खोला हमने निकले ढाई अक्षर

83 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
मंजिल तक पहुंचने
मंजिल तक पहुंचने
Dr.Rashmi Mishra
सेंसेक्स छुए नव शिखर,
सेंसेक्स छुए नव शिखर,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
*सुबह हुई तो गए काम पर, जब लौटे तो रात थी (गीत)*
*सुबह हुई तो गए काम पर, जब लौटे तो रात थी (गीत)*
Ravi Prakash
यह रंगीन मतलबी दुनियां
यह रंगीन मतलबी दुनियां
कार्तिक नितिन शर्मा
* जगो उमंग में *
* जगो उमंग में *
surenderpal vaidya
छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस
छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
बस करो, कितना गिरोगे...
बस करो, कितना गिरोगे...
डॉ.सीमा अग्रवाल
*मूलांक*
*मूलांक*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
मैं शामिल तुझमें ना सही
मैं शामिल तुझमें ना सही
Madhuyanka Raj
सोशलमीडिया
सोशलमीडिया
लक्ष्मी सिंह
जीवन मंथन
जीवन मंथन
Satya Prakash Sharma
दर्द ए दिल बयां करु किससे,
दर्द ए दिल बयां करु किससे,
Radha jha
15🌸बस तू 🌸
15🌸बस तू 🌸
Mahima shukla
ऐसा क्यों होता है
ऐसा क्यों होता है
रोहताश वर्मा 'मुसाफिर'
यूपी में कुछ पहले और दूसरे चरण में संतरो की हालात ओर खराब हो
यूपी में कुछ पहले और दूसरे चरण में संतरो की हालात ओर खराब हो
शेखर सिंह
गैरों सी लगती है दुनिया
गैरों सी लगती है दुनिया
देवराज यादव
प्रेम क्या है...
प्रेम क्या है...
हिमांशु Kulshrestha
छोड़ दो
छोड़ दो
Pratibha Pandey
उठ जाग मेरे मानस
उठ जाग मेरे मानस
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
3) “प्यार भरा ख़त”
3) “प्यार भरा ख़त”
Sapna Arora
जय मां शारदे
जय मां शारदे
Mukesh Kumar Sonkar
शिकारी संस्कृति के
शिकारी संस्कृति के
Sanjay ' शून्य'
अपने ज्ञान को दबा कर पैसा कमाना नौकरी कहलाता है!
अपने ज्ञान को दबा कर पैसा कमाना नौकरी कहलाता है!
Suraj kushwaha
सत्य की खोज अधूरी है
सत्य की खोज अधूरी है
VINOD CHAUHAN
'नव कुंडलिया 'राज' छंद' में रमेशराज के विरोधरस के गीत
'नव कुंडलिया 'राज' छंद' में रमेशराज के विरोधरस के गीत
कवि रमेशराज
2510.पूर्णिका
2510.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
महाराष्ट्र में शरद पवार और अजित पवार, बिहार में नीतीश कुमार
महाराष्ट्र में शरद पवार और अजित पवार, बिहार में नीतीश कुमार
*Author प्रणय प्रभात*
कमियाॅं अपनों में नहीं
कमियाॅं अपनों में नहीं
Harminder Kaur
School ke bacho ko dusre shehar Matt bhejo
School ke bacho ko dusre shehar Matt bhejo
Tushar Jagawat
सज़ा तुमको तो मिलेगी
सज़ा तुमको तो मिलेगी
gurudeenverma198
Loading...