Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
17 Feb 2024 · 1 min read

जो हैं आज अपनें..

“जो हैं आज अपनें..
कल पराए हो जाएंगे।
जो हैं आज पराए..
कल अपने हो जाएंगे।
ये हक़ीक़त भी न..
ऐसे सपने दिखा देती है कि,
‘जो हैं आज हक़ीक़त..
कल सपने हो जाएंगे।'”

– सृष्टि बंसल

53 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
इबादत
इबादत
Dr.Priya Soni Khare
कुर्सी
कुर्सी
Bodhisatva kastooriya
****वो जीवन मिले****
****वो जीवन मिले****
Kavita Chouhan
तू भी धक्के खा, हे मुसाफिर ! ,
तू भी धक्के खा, हे मुसाफिर ! ,
Buddha Prakash
8) दिया दर्द वो
8) दिया दर्द वो
पूनम झा 'प्रथमा'
स्वप्न ....
स्वप्न ....
sushil sarna
🚩🚩 कृतिकार का परिचय/
🚩🚩 कृतिकार का परिचय/ "पं बृजेश कुमार नायक" का परिचय
Pt. Brajesh Kumar Nayak
..............
..............
शेखर सिंह
बीती यादें भी बहारों जैसी लगी,
बीती यादें भी बहारों जैसी लगी,
manjula chauhan
सबक
सबक
Dr. Pradeep Kumar Sharma
*****खुद का परिचय *****
*****खुद का परिचय *****
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
#Om
#Om
Ankita Patel
देखकर प्यारा सवेरा
देखकर प्यारा सवेरा
surenderpal vaidya
#मुक्तक
#मुक्तक
*Author प्रणय प्रभात*
शुभ मंगल हुई सभी दिशाऐं
शुभ मंगल हुई सभी दिशाऐं
Ritu Asooja
इक अदा मुझको दिखाया तो करो।
इक अदा मुझको दिखाया तो करो।
सत्य कुमार प्रेमी
मैं तो महज इंसान हूँ
मैं तो महज इंसान हूँ
VINOD CHAUHAN
किताब
किताब
Neeraj Agarwal
जो कुछ भी है आज है,
जो कुछ भी है आज है,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
आज के समय में शादियां सिर्फ एक दिखावा बन गई हैं। लोग शादी को
आज के समय में शादियां सिर्फ एक दिखावा बन गई हैं। लोग शादी को
पूर्वार्थ
गम खास होते हैं
गम खास होते हैं
ruby kumari
ग़ज़ल -1222 1222 122 मुफाईलुन मुफाईलुन फऊलुन
ग़ज़ल -1222 1222 122 मुफाईलुन मुफाईलुन फऊलुन
Neelam Sharma
"चाँद को शिकायत" संकलित
Radhakishan R. Mundhra
अपने चरणों की धूलि बना लो
अपने चरणों की धूलि बना लो
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
💐प्रेम कौतुक-539💐
💐प्रेम कौतुक-539💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
नमन तुमको है वीणापाणि
नमन तुमको है वीणापाणि
Dr. Ramesh Kumar Nirmesh
23/197. *छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/197. *छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
क्षणिकाए - व्यंग्य
क्षणिकाए - व्यंग्य
Sandeep Pande
" लोग "
Chunnu Lal Gupta
राहें भी होगी यूं ही,
राहें भी होगी यूं ही,
Satish Srijan
Loading...