Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
22 Feb 2024 · 1 min read

जीवन ये हर रंग दिखलाता

जीवन ये हर रंग दिखलाता
हर्ष तो कभी दर्द दे जाता
पाठशाला ये है अनोखी
सबकी धैर्य परीक्षा होती।

है सफल वही गुणीजन बड़ा
परिश्रम जिसके हाथों जड़ा
थककर कभी न तुम हारना
लक्ष्य को ही सर्वोच्च मानना

आयु निशा की विरले होती
अँधियारी,अज्ञानता की सी
दीप ज्ञान श्रम का जलाना
आलोक सम्मुख सर्वत्र पाना

भय तो कभी राह भटकाता
चलते हुये पग रुक जाता
मार्ग में अवरोध सा भरा
हॄदय में धर साहस बड़ा

पग को न यूँ डगमग करना
नव उत्साह तब स्वयं में भरना
शूल पथ से छँट जायेंगे
इक नई राह दिखलायेंगे।।

✍️”कविता चौहान”
स्वरचित एवं मौलिक

48 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
💐अज्ञात के प्रति-140💐
💐अज्ञात के प्रति-140💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
रास्ते  की  ठोकरों  को  मील   का  पत्थर     बनाता    चल
रास्ते की ठोकरों को मील का पत्थर बनाता चल
पूर्वार्थ
इश्क की गली में जाना छोड़ दिया हमने
इश्क की गली में जाना छोड़ दिया हमने
ठाकुर प्रतापसिंह "राणाजी"
नीति प्रकाश : फारसी के प्रसिद्ध कवि शेख सादी द्वारा लिखित पुस्तक
नीति प्रकाश : फारसी के प्रसिद्ध कवि शेख सादी द्वारा लिखित पुस्तक "करीमा" का ब्रज भाषा में अनुवाद*
Ravi Prakash
Affection couldn't be found in shallow spaces.
Affection couldn't be found in shallow spaces.
Manisha Manjari
है कौन वहां शिखर पर
है कौन वहां शिखर पर
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
All good
All good
DR ARUN KUMAR SHASTRI
फर्क तो पड़ता है
फर्क तो पड़ता है
Dr. Pradeep Kumar Sharma
कट गई शाखें, कट गए पेड़
कट गई शाखें, कट गए पेड़
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
जब जब तेरा मजाक बनाया जाएगा।
जब जब तेरा मजाक बनाया जाएगा।
Yogi Yogendra Sharma : Motivational Speaker
यादों को कहाँ छोड़ सकते हैं,समय चलता रहता है,यादें मन में रह
यादों को कहाँ छोड़ सकते हैं,समय चलता रहता है,यादें मन में रह
Meera Thakur
अच्छी लगती धर्मगंदी/धर्मगंधी पंक्ति : ’
अच्छी लगती धर्मगंदी/धर्मगंधी पंक्ति : ’
Dr MusafiR BaithA
धर्म की खूंटी
धर्म की खूंटी
मनोज कर्ण
"चुनौतियाँ"
Dr. Kishan tandon kranti
जब कोई हाथ और साथ दोनों छोड़ देता है
जब कोई हाथ और साथ दोनों छोड़ देता है
Ranjeet kumar patre
हिंदी
हिंदी
नन्दलाल सुथार "राही"
आने घर से हार गया
आने घर से हार गया
Suryakant Dwivedi
तेरी इस बेवफाई का कोई अंजाम तो होगा ।
तेरी इस बेवफाई का कोई अंजाम तो होगा ।
Phool gufran
शिव की महिमा
शिव की महिमा
Praveen Sain
बुढ़ापा
बुढ़ापा
Shyamsingh Lodhi (Tejpuriya)
वक्रतुंडा शुचि शुंदा सुहावना,
वक्रतुंडा शुचि शुंदा सुहावना,
Neelam Sharma
J
J
Jay Dewangan
2344.पूर्णिका
2344.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
सत्य की खोज
सत्य की खोज
Rekha Drolia
ग़ज़ल/नज़्म - दिल में ये हलचलें और है शोर कैसा
ग़ज़ल/नज़्म - दिल में ये हलचलें और है शोर कैसा
अनिल कुमार
💐
💐
*Author प्रणय प्रभात*
Temple of Raam
Temple of Raam
Sandhya Chaturvedi(काव्यसंध्या)
पहचान तेरी क्या है
पहचान तेरी क्या है
Dr fauzia Naseem shad
सांप्रदायिक उन्माद
सांप्रदायिक उन्माद
Shekhar Chandra Mitra
चक्रवृद्धि प्यार में
चक्रवृद्धि प्यार में
Pratibha Pandey
Loading...