Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
24 Mar 2024 · 1 min read

“जिन्दगी में”

“जिन्दगी में”
जिन्दगी में कुछ घाव ऐसे भी होते हैं, जिन्हें वक्त की उंगलियाँ भरने के बजाय कुरेदती हैं; फिर उसमें से एक दर्द भरी टीस निकलती है, जो इंसान को जिन्दगी भर तड़पाती चली जाती है।
(चुटकी भर सिन्दूर- कहानी संग्रह से)

2 Likes · 2 Comments · 61 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr. Kishan tandon kranti
View all
You may also like:
"आंखरी ख़त"
Lohit Tamta
मुरली कि धुन
मुरली कि धुन
Anil chobisa
गजल सगीर
गजल सगीर
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
बेचैन हम हो रहे
बेचैन हम हो रहे
Basant Bhagawan Roy
"वक्त की बेड़ियों में कुछ उलझ से गए हैं हम, बेड़ियाँ रिश्तों
Sakshi Singh
आज की सौगात जो बख्शी प्रभु ने है तुझे
आज की सौगात जो बख्शी प्रभु ने है तुझे
Saraswati Bajpai
बहुत दोस्त मेरे बन गये हैं
बहुत दोस्त मेरे बन गये हैं
DrLakshman Jha Parimal
नवजात बहू (लघुकथा)
नवजात बहू (लघुकथा)
गुमनाम 'बाबा'
ताशीर
ताशीर
Sanjay ' शून्य'
हमारी मां हमारी शक्ति ( मातृ दिवस पर विशेष)
हमारी मां हमारी शक्ति ( मातृ दिवस पर विशेष)
ओनिका सेतिया 'अनु '
#यदा_कदा_संवाद_मधुर, #छल_का_परिचायक।
#यदा_कदा_संवाद_मधुर, #छल_का_परिचायक।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
वृक्षों की सेवा करो, मिलता पुन्य महान।
वृक्षों की सेवा करो, मिलता पुन्य महान।
डॉ.सीमा अग्रवाल
*आम (बाल कविता)*
*आम (बाल कविता)*
Ravi Prakash
मात्र नाम नहीं तुम
मात्र नाम नहीं तुम
Mamta Rani
🥀 *गुरु चरणों की धूल*🥀
🥀 *गुरु चरणों की धूल*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
-शेखर सिंह
-शेखर सिंह
शेखर सिंह
मौत का रंग लाल है,
मौत का रंग लाल है,
पूर्वार्थ
2394.पूर्णिका
2394.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
"सफलता की चाह"
Dr. Kishan tandon kranti
इस बार
इस बार "अमेठी" नहीं "रायबरैली" में बनेगी "बरेली की बर्फी।"
*प्रणय प्रभात*
जग जननी
जग जननी
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
बाल चुभे तो पत्नी बरसेगी बन गोला/आकर्षण से मार कांच का दिल है भामा
बाल चुभे तो पत्नी बरसेगी बन गोला/आकर्षण से मार कांच का दिल है भामा
Pt. Brajesh Kumar Nayak
साया
साया
Harminder Kaur
कुछ नही हो...
कुछ नही हो...
Sapna K S
पतझड़ और हम जीवन होता हैं।
पतझड़ और हम जीवन होता हैं।
Neeraj Agarwal
आज यादों की अलमारी खोली
आज यादों की अलमारी खोली
Rituraj shivem verma
तुम जिंदा हो इसका प्रमाड़ दर्द है l
तुम जिंदा हो इसका प्रमाड़ दर्द है l
Ranjeet kumar patre
चलो कल चाय पर मुलाक़ात कर लेंगे,
चलो कल चाय पर मुलाक़ात कर लेंगे,
गुप्तरत्न
आओ तो सही,भले ही दिल तोड कर चले जाना
आओ तो सही,भले ही दिल तोड कर चले जाना
Ram Krishan Rastogi
।। सुविचार ।।
।। सुविचार ।।
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
Loading...