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14 Nov 2023 · 1 min read

जिंदगी कंही ठहरी सी

जिंदगी कंही ठहरी सी क्यों है
उस घडी का इतना इंतज़ार क्यों
याद आती है उन हसींन लम्हों की
याद आती है उन हसींन नगमो की
वो लम्हे जिनमे तुम कुछ कदम साथ थी
वो नगमे जिनमे मोहब्बत बे हिसाब थी
अब जिंदगी कंही ठहरी सी क्यों है
उस घडी का इंतज़ार इतना क्यों है
फ्रेंडशिप डे का यूँ ही गुजर जाना
वेलेंटाईन डे पर तुम्हारा मुस्कुराना
न मिलने के हजारो बहाने बनाना
मेरे हिस्से का भी नाराज हो जाना
फिर भी न जाने क्यों उस घडी का इन्तजार क्यों है
जिंदगी कंही ठहरी सी क्यों है
कैसे कोई भूले वो खट्टी मीठी शरारते
जीवन के इक हिस्से में उभरी हुई इबारतें
कटता है दिन व्हाट्स एप स्टेट्स चेक करते
कटती है राते तुम्हे याद करते करते
न जाने किस बात का इंतज़ार क्यों है
जिंदगी अब कंही ठहरी सी क्यों है

Dr.L k mishra

1 Like · 153 Views
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