Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
2 Nov 2022 · 1 min read

ज़िंदा घर

सन्नाटा है घर के अंदर टपक रही है और छत भी,
लगता है तन्हाई में मैं ये घर भी छुप छुप रोता है।
कभी बबूल भी उगा नहीं था जब हम घर में रहते थे,
अब तन्हाई के डर से आंगन खरपतवारें बोता है।
अभी सलामत नाम का पट्टा घर के बाहर लटका है,
लेकिन ये भी मिट जायेगा वक्त सभी कुछ धोता है।
संदूक पड़ा था जिस कोने में वो अब गिरने वाला है,
जल्दी आ जाओ परदेशी घर अब धीरज खोता है।
अभी बचा है तेल दिये में दियासलाई ले आना,
अपने हो जब साथ तो भाई दुगुना उजियारा होता है।
✍️ दशरथ रांकावत ‘शक्ति’

1 Like · 2 Comments · 308 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
* धीरे धीरे *
* धीरे धीरे *
surenderpal vaidya
Ye chad adhura lagta hai,
Ye chad adhura lagta hai,
Sakshi Tripathi
खाटू श्याम जी
खाटू श्याम जी
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
लेकिन क्यों ?
लेकिन क्यों ?
Dinesh Kumar Gangwar
कलेवा
कलेवा
Satish Srijan
Love yourself
Love yourself
आकांक्षा राय
है आँखों में कुछ नमी सी
है आँखों में कुछ नमी सी
हिमांशु Kulshrestha
"कंजूस"
Dr. Kishan tandon kranti
गुमशुदा लोग
गुमशुदा लोग
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
*अज्ञानी की कलम*
*अज्ञानी की कलम*
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
जिंदगी
जिंदगी
विजय कुमार अग्रवाल
दो शे'र
दो शे'र
डॉक्टर वासिफ़ काज़ी
*आई गंगा स्वर्ग से, उतर हिमालय धाम (कुंडलिया)*
*आई गंगा स्वर्ग से, उतर हिमालय धाम (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
■ सकारात्मकता...
■ सकारात्मकता...
*प्रणय प्रभात*
दमके क्षितिज पार,बन धूप पैबंद।
दमके क्षितिज पार,बन धूप पैबंद।
Neelam Sharma
पढ़ाकू
पढ़ाकू
Dr. Mulla Adam Ali
ज़रूरत
ज़रूरत
सतीश तिवारी 'सरस'
1🌹सतत - सृजन🌹
1🌹सतत - सृजन🌹
Dr .Shweta sood 'Madhu'
जब तू मिलती है
जब तू मिलती है
gurudeenverma198
सपनों के सौदागर बने लोग देश का सौदा करते हैं
सपनों के सौदागर बने लोग देश का सौदा करते हैं
प्रेमदास वसु सुरेखा
https://youtube.com/@pratibhaprkash?si=WX_l35pU19NGJ_TX
https://youtube.com/@pratibhaprkash?si=WX_l35pU19NGJ_TX
Dr.Pratibha Prakash
3202.*पूर्णिका*
3202.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
पत्नी से अधिक पुरुष के चरित्र का ज्ञान
पत्नी से अधिक पुरुष के चरित्र का ज्ञान
शेखर सिंह
दीपावली
दीपावली
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
सपने हो जाएंगे साकार
सपने हो जाएंगे साकार
Sandhya Chaturvedi(काव्यसंध्या)
प्यासा मन
प्यासा मन
नेताम आर सी
तकलीफ ना होगी मरने मे
तकलीफ ना होगी मरने मे
Anil chobisa
चला आया घुमड़ सावन, नहीं आए मगर साजन।
चला आया घुमड़ सावन, नहीं आए मगर साजन।
डॉ.सीमा अग्रवाल
चन्द्रयान 3
चन्द्रयान 3
Jatashankar Prajapati
इस क़दर फंसे हुए है तेरी उलझनों में ऐ ज़िंदगी,
इस क़दर फंसे हुए है तेरी उलझनों में ऐ ज़िंदगी,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
Loading...