Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
20 Dec 2022 · 1 min read

ज़मानें हुए जिसको देखे हुए।

ज़मानें हुए जिसको देखे हुए।
वो नज़र भी कहीं आता नहीं हैं।।
मेरी रूह में अभी भी बसा है।
दिल जिसे कभी भूलता नहीं हैं।।1।।

कोशिशें तो हमनें की है बहुत।
चाहत का निशा मिटता नहीं है।।
दुआयें भी अब मैं करता नहीं।
ये खुदा भी मेरी सुनता नहीं है।।2।।

मत पूंछो हमसे आशिकी का।
ये नशा दिलसे उतरता नहीं है।।
खुदकुशी नहीं ये दीवानगी है।
परवाना ऐसे तो जलता नहीं है।।3।।

शराबी ना कहो उस शख्स को।
मैकदे में शौक से जाता नहीं है।।
दर्दे मोहब्बत है उसके सीने में।
नशे में कुछ याद आता नहीं है।।4।।

ताज मोहम्मद
लखनऊ

2 Likes · 140 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Taj Mohammad
View all
You may also like:
"बे-दर्द"
Dr. Kishan tandon kranti
2122 1212 22/112
2122 1212 22/112
SZUBAIR KHAN KHAN
* मुस्कुराते नहीं *
* मुस्कुराते नहीं *
surenderpal vaidya
असमान शिक्षा केंद्र
असमान शिक्षा केंद्र
Sanjay ' शून्य'
सदविचार
सदविचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
हम सृजन के पथ चलेंगे
हम सृजन के पथ चलेंगे
Mohan Pandey
कभी मिले नहीं है एक ही मंजिल पर जानें वाले रास्तें
कभी मिले नहीं है एक ही मंजिल पर जानें वाले रास्तें
Sonu sugandh
23/131.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/131.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
"" *श्रीमद्भगवद्गीता* ""
सुनीलानंद महंत
ना जाने क्यों...?
ना जाने क्यों...?
भवेश
देख तुम्हें जीती थीं अँखियाँ....
देख तुम्हें जीती थीं अँखियाँ....
डॉ.सीमा अग्रवाल
मै स्त्री कभी हारी नही
मै स्त्री कभी हारी नही
dr rajmati Surana
ना रहीम मानता हूँ ना राम मानता हूँ
ना रहीम मानता हूँ ना राम मानता हूँ
VINOD CHAUHAN
''आशा' के मुक्तक
''आशा' के मुक्तक"
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
प्यार इस कदर है तुमसे बतायें कैसें।
प्यार इस कदर है तुमसे बतायें कैसें।
Yogendra Chaturwedi
कथनी और करनी
कथनी और करनी
Davina Amar Thakral
इन फूलों से सीख ले मुस्कुराना
इन फूलों से सीख ले मुस्कुराना
ठाकुर प्रतापसिंह "राणाजी"
*घूॅंघट सिर से कब हटा, रहती इसकी ओट (कुंडलिया)*
*घूॅंघट सिर से कब हटा, रहती इसकी ओट (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
"सैनिक की चिट्ठी"
Ekta chitrangini
चुनना किसी एक को
चुनना किसी एक को
Mangilal 713
।।अथ सत्यनारायण व्रत कथा पंचम अध्याय।।
।।अथ सत्यनारायण व्रत कथा पंचम अध्याय।।
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
चांद को तो गुरूर होगा ही
चांद को तो गुरूर होगा ही
Manoj Mahato
it is not about having a bunch of friends
it is not about having a bunch of friends
पूर्वार्थ
कुदरत
कुदरत
Neeraj Agarwal
आजादी की शाम ना होने देंगे
आजादी की शाम ना होने देंगे
Ram Krishan Rastogi
जनता का भरोसा
जनता का भरोसा
Shekhar Chandra Mitra
कुछ लोग जाहिर नहीं करते
कुछ लोग जाहिर नहीं करते
शेखर सिंह
यादगार
यादगार
Bodhisatva kastooriya
■आओ करें दुआएं■
■आओ करें दुआएं■
*प्रणय प्रभात*
क्रांति की बात ही ना करो
क्रांति की बात ही ना करो
Rohit yadav
Loading...