Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
2 Jul 2018 · 1 min read

जब सावन का महीना आता –आर के रस्तोगी

जब सावन का महीना आता
क्या पिया का संदेशा लाता ?
जब बादल आसमां में गरजते
एक दूजे के लिये क्यों तरसते ?
जब बिजली आसमां में चमकती
माथे की बिंदिया क्यों दमकती ?
जब घनघोर घटायें घिरती
विरहणी क्यों दिन में डरती ?
जब दिन में ही रात हो जाती
पिया की याद क्यों सताती ?
जब नन्नी नन्नी बुंदियाँ आती
ये किस की प्यास बुझाती ?
जब चूड़ियाँ आपस में खनकती
मुझ से ये कौन सी बाते करती ?
जब सावन का महिना आता
तन में आग्न क्यों लगाता ?
जब आ जाये सावन में सजन
क्यों हो जाता है ये मन मगन ?
ये प्रश्न उभर कर मन में आते
इनका उत्तर कोई नही दे पाते

आर के रस्तोगी

518 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Ram Krishan Rastogi
View all
You may also like:
स्त्री न देवी है, न दासी है
स्त्री न देवी है, न दासी है
Manju Singh
साक्षात्कार- पीयूष गोयल लेखक
साक्षात्कार- पीयूष गोयल लेखक
Piyush Goel
कदम पीछे हटाना मत
कदम पीछे हटाना मत
surenderpal vaidya
हिंदी पखवाडा
हिंदी पखवाडा
Shashi Dhar Kumar
3058.*पूर्णिका*
3058.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
सब कुछ छोड़ कर जाना पड़ा अकेले में
सब कुछ छोड़ कर जाना पड़ा अकेले में
कवि दीपक बवेजा
जाने कितने चढ़ गए, फाँसी माँ के लाल ।
जाने कितने चढ़ गए, फाँसी माँ के लाल ।
sushil sarna
నమో నమో నారసింహ
నమో నమో నారసింహ
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
जब तू मिलती है
जब तू मिलती है
gurudeenverma198
गुलाबों सी महक है तेरे इन लिबासों में,
गुलाबों सी महक है तेरे इन लिबासों में,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
ये बेकरारी, बेखुदी
ये बेकरारी, बेखुदी
हिमांशु Kulshrestha
आए थे बनाने मनुष्य योनि में पूर्वजन्म की बिगड़ी।
आए थे बनाने मनुष्य योनि में पूर्वजन्म की बिगड़ी।
Rj Anand Prajapati
*** लम्हा.....!!! ***
*** लम्हा.....!!! ***
VEDANTA PATEL
उनकी ख्यालों की बारिश का भी,
उनकी ख्यालों की बारिश का भी,
manjula chauhan
Memories
Memories
Sampada
तिलिस्म
तिलिस्म
Dr. Rajeev Jain
खुला आसमान
खुला आसमान
Surinder blackpen
मुश्किलें
मुश्किलें
Sonam Puneet Dubey
वेलेंटाइन डे
वेलेंटाइन डे
Dr. Pradeep Kumar Sharma
नम आंखे बचपन खोए
नम आंखे बचपन खोए
Neeraj Mishra " नीर "
घाटे का सौदा
घाटे का सौदा
विनोद सिल्ला
"सत्य" युग का आइना है, इसमें वीभत्स चेहरे खुद को नहीं देखते
Sanjay ' शून्य'
राखी है अनमोल बहना की ?
राखी है अनमोल बहना की ?
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
ॐ
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
There are instances that people will instantly turn their ba
There are instances that people will instantly turn their ba
पूर्वार्थ
श्रेष्ठता
श्रेष्ठता
Paras Nath Jha
क़त्ल कर गया तो क्या हुआ, इश्क़ ही तो है-
क़त्ल कर गया तो क्या हुआ, इश्क़ ही तो है-
Shreedhar
निकले थे चांद की तलाश में
निकले थे चांद की तलाश में
Dushyant Kumar Patel
"मास्टर कौन?"
Dr. Kishan tandon kranti
प्रकृति ने अंँधेरी रात में चांँद की आगोश में अपने मन की सुंद
प्रकृति ने अंँधेरी रात में चांँद की आगोश में अपने मन की सुंद
Neerja Sharma
Loading...