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6 Mar 2024 · 1 min read

जब भी दिल का

जब भी दिल का
गुलाब महका है।
तिरी ख़ुशबू से
ख़्वाब महका है।
तुमसे रुतबा है
ख़ास महफ़िल का
देख ‘नीलम’
रुआब महका है।
नीलम शर्मा ✍️

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