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25 Oct 2023 · 1 min read

जख्म भी रूठ गया है अबतो

जख्म भी रूठ गया है अबतो
धोखेबाजी पे उतर आया है
रूह में जगह दी,कभी कभार – तवज्जो दिया
फिर भी जेहन को कुतर आया है
-सिद्धार्थ गोरखपुरी

Language: Hindi
174 Views
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