Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
10 Nov 2023 · 1 min read

छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस

अटल जी का भीष्म प्रतिज्ञा
काम किया जी भारी।
स्वतंत्र राज्य बन बैठी
मोर छत्तीसगढ़ महतारी।।

राष्ट्रपति अब्दुल कलाम बोले
जय जय छत्तीसगढ़ के माटी।
स्वर्ग सम है दृश्य यहां के
पर्वत पहाड़ के है सुंदर घाटी ।।

स्वतंत्र राज्य हेतु सम्पदा बहूत है
विकास होगा भारी।
वन सम्पदा खनिज सम्पदा से
सम्पन्न होंगे यहां नर नारी।

नवंबर महिना तारीख एक को
सन् दो हजार एक ।
किया स्वतंत्र राज्य छत्तीसगढ़
रह गये लोगन देख।।

खुबचंद बघेल जी का सफल प्रयास
संत कवि पवन दीवान थे साथी
पृथक राज्य का मांग किया मिलकर
स्वतंत्र बन बैठी छत्तीसगढ़ महतारी।।

लिख दिया कविता इंग्लिश में
जय जय छत्तीसगढ़ के माटी।
नदी नाला अऊ डोगरी पठार
पहाड़ पर्वत सौंदर्य सुघ्घर घाटी ।।

अटल जी का अटल संकल्प
काम किया जी भारी
स्वतंत्र राज्य बन बैठी
मोर छत्तीसगढ़ महतारी

====जय जय छत्तीसगढ़ महतारी ===
डॉ विजय कुमार कन्नौजे अमोदी आरंग ज़िला रायपुर छ ग दिनांक 31/10/2023रात्रि

12बजकर7मिनट पर

Language: Hindi
2 Likes · 89 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
स्वच्छंद प्रेम
स्वच्छंद प्रेम
Dr Parveen Thakur
वो अनुराग अनमोल एहसास
वो अनुराग अनमोल एहसास
Seema gupta,Alwar
कुदरत मुझको रंग दे
कुदरत मुझको रंग दे
Gurdeep Saggu
सोशल मीडिया
सोशल मीडिया
Raju Gajbhiye
अफसोस-कविता
अफसोस-कविता
Shyam Pandey
खुद पर यकीन,
खुद पर यकीन,
manjula chauhan
5 दोहे- वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई पर केंद्रित
5 दोहे- वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई पर केंद्रित
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
कभी जलाए गए और कभी खुद हीं जले
कभी जलाए गए और कभी खुद हीं जले
Shweta Soni
*धन्य अयोध्या जहॉं पधारे, पुरुषोत्तम भगवान हैं (हिंदी गजल)*
*धन्य अयोध्या जहॉं पधारे, पुरुषोत्तम भगवान हैं (हिंदी गजल)*
Ravi Prakash
काश, धर्मनगरी में कोई धर्मवीर होता। धिक्कार संवेदनाहीन शिखण्
काश, धर्मनगरी में कोई धर्मवीर होता। धिक्कार संवेदनाहीन शिखण्
*Author प्रणय प्रभात*
कैसे बताऊं मेरे कौन हो तुम
कैसे बताऊं मेरे कौन हो तुम
Ram Krishan Rastogi
*देश का दर्द (मणिपुर से आहत)*
*देश का दर्द (मणिपुर से आहत)*
Dushyant Kumar
कभी ज्ञान को पा इंसान भी, बुद्ध भगवान हो जाता है।
कभी ज्ञान को पा इंसान भी, बुद्ध भगवान हो जाता है।
Monika Verma
करोगे रूह से जो काम दिल रुस्तम बना दोगे
करोगे रूह से जो काम दिल रुस्तम बना दोगे
आर.एस. 'प्रीतम'
सफ़र जिंदगी का (कविता)
सफ़र जिंदगी का (कविता)
Indu Singh
रात
रात
SHAMA PARVEEN
**** फागुन के दिन आ गईल ****
**** फागुन के दिन आ गईल ****
Chunnu Lal Gupta
सारे निशां मिटा देते हैं।
सारे निशां मिटा देते हैं।
Taj Mohammad
मधुर-मधुर मेरे दीपक जल
मधुर-मधुर मेरे दीपक जल
Pratibha Pandey
सीख ना पाए पढ़के उन्हें हम
सीख ना पाए पढ़के उन्हें हम
The_dk_poetry
★Dr.MS Swaminathan ★
★Dr.MS Swaminathan ★
★ IPS KAMAL THAKUR ★
अगहन माह के प्रत्येक गुरुवार का विशेष महत्व है। इस साल 30  न
अगहन माह के प्रत्येक गुरुवार का विशेष महत्व है। इस साल 30 न
Shashi kala vyas
मर्द का दर्द
मर्द का दर्द
Anil chobisa
2411.पूर्णिका
2411.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
"वक्त" भी बड़े ही कमाल
नेताम आर सी
** जिंदगी  मे नहीं शिकायत है **
** जिंदगी मे नहीं शिकायत है **
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
कैसे देखनी है...?!
कैसे देखनी है...?!
Srishty Bansal
जब इंस्पेक्टर ने प्रेमचंद से कहा- तुम बड़े मग़रूर हो..
जब इंस्पेक्टर ने प्रेमचंद से कहा- तुम बड़े मग़रूर हो..
Shubham Pandey (S P)
रेल यात्रा संस्मरण
रेल यात्रा संस्मरण
Prakash Chandra
छठ व्रत की शुभकामनाएँ।
छठ व्रत की शुभकामनाएँ।
Anil Mishra Prahari
Loading...