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Jul 18, 2016 · 1 min read

चाहत

18.07.16
तुम्हें टूट कर चाहने की सजा पाये हैं
अब भुला कर तुम्हें, टूटने की चाहत है,,,

शुचि(भवि)

1 Like · 1 Comment · 239 Views
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