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14 Feb 2023 · 1 min read

चांद कहां रहते हो तुम

चांद कहां रहते हो तुम।
किसके ख्यालों में गुमसुम।

कभी आधे और कभी अधूरे।
मुश्किल से दिखते हो पूरे।

राह तकूं मैं हर रात को
याद करूं तेरी बात को।

रात मिलन की हो जब भी
चुपके से आना तुम भी।

पूर्णिमा जब फिर आयेगी
सुबह साथ नयी लायेगी।

सुरिंदर कौर

Language: Hindi
1 Like · 145 Views
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