Sahityapedia
Sign in
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
27 Jun 2016 · 1 min read

चल पड़ा है सामरिक

चल पड़ा है सामारिक…..????????
——————————————-
चल पड़ा परचम लिए मैं,
हर गली और गाँव को ।
है जहाँ सम्पूर्ण भारत,
वर्ष के उत्थान को ।।
है निहित सत्ज्ञान पथ ,
हर पग है दैविक ब्रह्म सा ।
करवटों में वक्त के हूँ,
सत्य के ईमान को ।।
चल पड़ा परचम लिए……………..

चर अचर चैतन्य जड़ ,
नव प्राण लेकर चल रहा ।
ऐसा लगता है कि मेरे,
साथ धरती चल रही ।।
देख कर के देव दानव,
साथ मिलकर गा रहे ।
कि चल पड़ा है सामरिक अब,
देश के आवाम को ।।
चल पड़ा परचम लिए……………….

बुझ रहा था दीप,
नूतन ने प्रभा को ले लिया ।
एक ने सौ कर दिया और,
जग को रोशन कर रहा ।।
आशियाना थी उजड़ती,
ताप से अन्याय के ।
कर विभा सत्धर्म ने ,
दे दी है न्योता न्याय को ।।
चल पड़ा परचम लिए…………….

बिन लहू मानस पटल पर,
न्याय ने आश्रय किया ।
बिन समर के सामरिक ने ,
हार तम को दे दिया ।।
धर्म की धारा बहे फिर,
मानसिक संज्ञान में ।
चल पड़ा विज्ञान भी अब ,
लक्ष्य के संधान को ।।
चल पड़ा परचम लिए…………….


-(अरुण सामरिक NDS)
देवघर झारखण्ड
11/10/2015
www.nyayadharmsabha.org

Language: Hindi
297 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.

You may also like these posts

ग़ज़ल...
ग़ज़ल...
आर.एस. 'प्रीतम'
मोहब्बत
मोहब्बत
Phool gufran
😊आज का नारा😊
😊आज का नारा😊
*प्रणय प्रभात*
आभासी संसार का,
आभासी संसार का,
sushil sarna
गंगा- सेवा के दस दिन (सातवां दिन)
गंगा- सेवा के दस दिन (सातवां दिन)
Kaushal Kishor Bhatt
मनवार
मनवार
जितेन्द्र गहलोत धुम्बड़िया
असली – नकली
असली – नकली
Dhirendra Singh
दर्शन के प्रश्न (Questions of Philosophy)
दर्शन के प्रश्न (Questions of Philosophy)
Acharya Shilak Ram
प्रतीक्षा
प्रतीक्षा
Shaily
ആരും കാത്തിരിക്കാ
ആരും കാത്തിരിക്കാ
Heera S
श्राद्ध- पर्व पर  सपने में  आये  बाबूजी।
श्राद्ध- पर्व पर सपने में आये बाबूजी।
रामनाथ साहू 'ननकी' (छ.ग.)
तुम्हारे कर्म से किसी की मुस्कुराहट लौट आती है, तो मानों वही
तुम्हारे कर्म से किसी की मुस्कुराहट लौट आती है, तो मानों वही
Lokesh Sharma
तू क्या जाने कितना प्यार करते हैं तुझसे...
तू क्या जाने कितना प्यार करते हैं तुझसे...
Ajit Kumar "Karn"
मुर्दे भी मोहित हुए
मुर्दे भी मोहित हुए
Dr. Ramesh Kumar Nirmesh
" रे, पंछी पिंजड़ा में पछताए "
Chunnu Lal Gupta
.....,
.....,
शेखर सिंह
Water
Water
SUNDER LAL PGT ENGLISH
4005.💐 *पूर्णिका* 💐
4005.💐 *पूर्णिका* 💐
Dr.Khedu Bharti
दोहा
दोहा
seema sharma
"बन्धन"
Dr. Kishan tandon kranti
शख्शियत
शख्शियत
आर एस आघात
*स्वतंत्रता आंदोलन में रामपुर निवासियों की भूमिका*
*स्वतंत्रता आंदोलन में रामपुर निवासियों की भूमिका*
Ravi Prakash
उसके गालों का तिल करता बड़ा कमाल -
उसके गालों का तिल करता बड़ा कमाल -
bharat gehlot
मौत आई तो मौत से भी हंसके गले मिल लेंगे,
मौत आई तो मौत से भी हंसके गले मिल लेंगे,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
मेरे हाल पर मुस्कुराने से पहले
मेरे हाल पर मुस्कुराने से पहले
नूरफातिमा खातून नूरी
भले हमसफर ऊ...
भले हमसफर ऊ...
आकाश महेशपुरी
जो असंभव है  वो बात कैसे लिखूँ
जो असंभव है वो बात कैसे लिखूँ
Dr Archana Gupta
221 2121 1221 212
221 2121 1221 212
SZUBAIR KHAN KHAN
रामजी कर देना उपकार
रामजी कर देना उपकार
Seema gupta,Alwar
फ़ितरत को ज़माने की, ये क्या हो गया है
फ़ितरत को ज़माने की, ये क्या हो गया है
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
Loading...