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21 May 2022 · 1 min read

चमचागिरी

आओ चमचागिरी
करते है

एक चम्मच तुम लगाओ
फिर हम लगाते हैं
धरती से आसमान में
उठाते हैं

चम्मच भी तो यही करती है
नीचे से उठती और
मुँह तक जाती है।

किसी को उठाने में,
भला
हमारा क्या जाता है
धरती का आदमी
धरती पर आ जाता है।

सूर्यकांत द्विवेदी

Language: Hindi
Tag: कविता
2 Likes · 1 Comment · 331 Views
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