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16 Jan 2023 · 1 min read

चंदा की डोली उठी

आज सीने में
कुछ टूट रहा है
बहुत मेरा
दम घुट रहा है…
(१)
फिर गूंज रही
कोई शहनाई
शायद कहीं
डोला उठ रहा है…
(२)
जिससे किसी का
घर बस जाए
संसार किसी का
लुट रहा है…
(३)
वह कैसे मनाए
व्याकुल मन को
जिससे साया तक
रूठ रहा है…
(४)
हाय, सिसक रही
घुंघट में गोरी
गांव बचपन का
छूट रहा है…
#Geetkar
Shekhar Chandra Mitra
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#गीतकार #प्रेमी #विदाई #शादी #डोली

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