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16 Feb 2023 · 1 min read

💐अज्ञात के प्रति-140💐

गुमान कहाँ गया ग़ुरूर कहाँ गया,बताओ,
उनके इश्क़ की हद जमीं है फ़लक नहीं।

©®अभिषेक: पाराशरः ‘आनन्द’

Language: Hindi
201 Views
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