Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
26 May 2023 · 1 min read

गुजरे हुए वक्त की स्याही से

गुजरे हुए वक्त की स्याही से
आने वाले कल की
किताब नहीं लिखी जा सकती

✍️ करिश्मा शाह

2 Likes · 571 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
"औषधि"
Dr. Kishan tandon kranti
कभी आंख मारना कभी फ्लाइंग किस ,
कभी आंख मारना कभी फ्लाइंग किस ,
ओनिका सेतिया 'अनु '
मेरी कलम से…
मेरी कलम से…
Anand Kumar
तिलक लगाया माथ पर,
तिलक लगाया माथ पर,
sushil sarna
बताओ कहां से शुरू करूं,
बताओ कहां से शुरू करूं,
Shyamsingh Lodhi Rajput (Tejpuriya)
वैनिटी बैग
वैनिटी बैग
Awadhesh Singh
श्री राम! मैं तुमको क्या कहूं...?
श्री राम! मैं तुमको क्या कहूं...?
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
सीमजी प्रोडक्शंस की फिल्म ‘राजा सलहेस’ मैथिली सिनेमा की दूसरी सबसे सफल फिल्मों में से एक मानी जा रही है.
सीमजी प्रोडक्शंस की फिल्म ‘राजा सलहेस’ मैथिली सिनेमा की दूसरी सबसे सफल फिल्मों में से एक मानी जा रही है.
श्रीहर्ष आचार्य
उसने मुझे बिहारी ऐसे कहा,
उसने मुझे बिहारी ऐसे कहा,
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
किसानों की दुर्दशा पर एक तेवरी-
किसानों की दुर्दशा पर एक तेवरी-
कवि रमेशराज
इंसान VS महान
इंसान VS महान
Dr MusafiR BaithA
व्यंग्य क्षणिकाएं
व्यंग्य क्षणिकाएं
Suryakant Dwivedi
क्षणभंगुर
क्षणभंगुर
Vivek Pandey
शिशिर ऋतु-३
शिशिर ऋतु-३
Vishnu Prasad 'panchotiya'
अन्नदाता
अन्नदाता
Akash Yadav
“सभी के काम तुम आओ”
“सभी के काम तुम आओ”
DrLakshman Jha Parimal
रूठी साली तो उनको मनाना पड़ा।
रूठी साली तो उनको मनाना पड़ा।
सत्य कुमार प्रेमी
हमारा गुनाह सिर्फ यही है
हमारा गुनाह सिर्फ यही है
gurudeenverma198
प्रकाश परब
प्रकाश परब
Acharya Rama Nand Mandal
दिल्लगी
दिल्लगी
Dipak Kumar "Girja"
3047.*पूर्णिका*
3047.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
शहर में बिखरी है सनसनी सी ,
शहर में बिखरी है सनसनी सी ,
Manju sagar
कुछ हम लड़के भी है  जो सिर्फ या तो मां के प्रेम के अधीर इतने
कुछ हम लड़के भी है जो सिर्फ या तो मां के प्रेम के अधीर इतने
पूर्वार्थ
2. *मेरी-इच्छा*
2. *मेरी-इच्छा*
Dr .Shweta sood 'Madhu'
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
"यक्ष प्रश्न है पूछता, धर्मराज है मौन।
*प्रणय प्रभात*
माँ
माँ
Vijay kumar Pandey
*हजारों हादसों से रोज, जो हमको बचाता है (हिंदी गजल)*
*हजारों हादसों से रोज, जो हमको बचाता है (हिंदी गजल)*
Ravi Prakash
राम राम सिया राम
राम राम सिया राम
नेताम आर सी
सेहत या स्वाद
सेहत या स्वाद
विजय कुमार अग्रवाल
Loading...