Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Jun 8, 2016 · 1 min read

ग़ज़ल :– चाँदनी रात आई है !!

!!! चांदनी रात आई है !!!
गज़लकार :- अनुज तिवारी “इंदवार”

शोले इश्क के दहकाती चांदनी रात आई है !
प्यार के नग्मे दुहराती चांदनी रात आई है !!

सजा कर ख्वाब की डोली सितारे साथ लेकर के !
दुल्हन सी सरमाती चांदनी रात आई है !!

लगाकर चांद की बिंदिया रौनक चांदनी लेकर !
जुल्फों को लहराती चांदनी रात आई है !!

होठ मे ओस की बूंदे नुमाइस प्यार की करती !
मिलन के गीत गुनगुनाती चांदनी रात आई है !!

शोले इश्क के भडकाती चांदनी रात आई है !
प्यार के नग्मे दुहराती चांदनी रात आई है !!

अनुज तिवारी “इन्दवार”

429 Views
You may also like:
सुबह - सवेरा
AMRESH KUMAR VERMA
बदनाम दिल बेचारा है
Taj Mohammad
"सुनो एक सैर पर चलते है"
Lohit Tamta
✍️जमाना नहीं रहा...✍️
"अशांत" शेखर
हमने प्यार को छोड़ दिया है
VINOD KUMAR CHAUHAN
सफर
Anamika Singh
रत्नों में रत्न है मेरे बापू
Nitu Sah
हमारे पापा
Anamika Singh
क्यों कहाँ चल दिये
gurudeenverma198
हिन्दी दोहे विषय- नास्तिक (राना लिधौरी)
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
ग़ज़ल
Jitendra Kumar Noor
भेड़ चाल में फंसी माँ
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
✍️आज फिर जेब खाली है✍️
"अशांत" शेखर
जिंदगी: एक संघर्ष
Aditya Prakash
स्वर्ग नरक का फेर
Dr Meenu Poonia
इंसानियत बनाती है
gurudeenverma198
“ राजा और प्रजा ”
DESH RAJ
मेरी भोली ''माँ''
पाण्डेय चिदानन्द
1971 में आरंभ हुई थी अनूठी त्रैमासिक पत्रिका "शिक्षा और...
Ravi Prakash
रामे क बरखा ह रामे क छाता
Dhirendra Panchal
"पिता"
Dr. Reetesh Kumar Khare डॉ रीतेश कुमार खरे
धरती से मिलने को बादल जब भी रोने लग गया।
सत्य कुमार प्रेमी
तन्हा हूं, मुझे तन्हा रहने दो
Ram Krishan Rastogi
कोई न अपना
AMRESH KUMAR VERMA
मैं अश्क हूं।
Taj Mohammad
जागीर
सूर्यकांत द्विवेदी
न्याय
Vijaykumar Gundal
हर दिन इसी तरह
gurudeenverma198
धर्म
Vijaykumar Gundal
बेवफाओं के शहर में कुछ वफ़ा कर जाऊं
Ram Krishan Rastogi
Loading...