Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
25 Mar 2023 · 1 min read

गरमी लाई छिपकली, छत पर दीखी आज (कुंडलिया)

गरमी लाई छिपकली, छत पर दीखी आज (कुंडलिया)
===========================
गरमी लाई छिपकली, छत पर दीखी आज
नन्ही चुहिया कह रही , घर में मेरा राज
घर में मेरा राज , मक्खियों के दल आते
ज्यों ही होती शाम , गीत मच्छर हैं गाते
कहते रवि कविराय, न झाड़ू में हो नरमी
वरना ढेरों रोग, सताऍंगे भर-गरमी
**********************************
रचयिता: रवि प्रकाश
बाजार सर्राफा, रामपुर ,उत्तर प्रदेश
मोबाइल 99976 15451

252 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Ravi Prakash
View all
You may also like:
मस्जिद से अल्लाह का एजेंट भोंपू पर बोल रहा है
मस्जिद से अल्लाह का एजेंट भोंपू पर बोल रहा है
Dr MusafiR BaithA
आना-जाना चल रहा, रोजाना का काम (कुंडलिया)
आना-जाना चल रहा, रोजाना का काम (कुंडलिया)
Ravi Prakash
-- मंदिर में ड्रेस कोड़ --
-- मंदिर में ड्रेस कोड़ --
गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
कलियुग है
कलियुग है
Sanjay ' शून्य'
" मानस मायूस "
Dr Meenu Poonia
जिनकी आंखों को धूप चुभे
जिनकी आंखों को धूप चुभे
*Author प्रणय प्रभात*
वो कभी दूर तो कभी पास थी
वो कभी दूर तो कभी पास थी
'अशांत' शेखर
आ रे बादल काले बादल
आ रे बादल काले बादल
goutam shaw
*_......यादे......_*
*_......यादे......_*
Naushaba Suriya
समय सीमित है इसलिए इसे किसी और के जैसे जिंदगी जीने में व्यर्
समय सीमित है इसलिए इसे किसी और के जैसे जिंदगी जीने में व्यर्
Shashi kala vyas
"आत्मकथा"
Rajesh vyas
बरपा बारिश का कहर, फसल खड़ी तैयार।
बरपा बारिश का कहर, फसल खड़ी तैयार।
डॉ.सीमा अग्रवाल
कहां गए वे शायर?
कहां गए वे शायर?
Shekhar Chandra Mitra
असुर सम्राट भक्त प्रहलाद – पूर्वजन्म की कथा – 03
असुर सम्राट भक्त प्रहलाद – पूर्वजन्म की कथा – 03
Kirti Aphale
इजहार ए मोहब्बत
इजहार ए मोहब्बत
साहित्य गौरव
ट्यूशन उद्योग
ट्यूशन उद्योग
Dr. Pradeep Kumar Sharma
बिन माचिस के आग लगा देते हैं
बिन माचिस के आग लगा देते हैं
Ram Krishan Rastogi
कभी सरल तो कभी सख़्त होते हैं ।
कभी सरल तो कभी सख़्त होते हैं ।
Neelam Sharma
गुमनामी ओढ़ लेती है वो लड़की
गुमनामी ओढ़ लेती है वो लड़की
Satyaveer vaishnav
धीरज और संयम
धीरज और संयम
ओंकार मिश्र
सफलता का मार्ग
सफलता का मार्ग
Praveen Sain
हुनर है मुझमें
हुनर है मुझमें
Satish Srijan
जली आग में होलिका ,बचे भक्त प्रहलाद ।
जली आग में होलिका ,बचे भक्त प्रहलाद ।
Rajesh Kumar Kaurav
जिंदगी तेरे नाम हो जाए
जिंदगी तेरे नाम हो जाए
Surinder blackpen
मी ठू ( मैं हूँ ना )
मी ठू ( मैं हूँ ना )
Mahender Singh
जागो बहन जगा दे देश 🙏
जागो बहन जगा दे देश 🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
चार दिनों की जिंदगी है, यूँ हीं गुज़र के रह जानी है...!!
चार दिनों की जिंदगी है, यूँ हीं गुज़र के रह जानी है...!!
Ravi Betulwala
दिल की हक़ीक़त
दिल की हक़ीक़त
Dr fauzia Naseem shad
மறுபிறவியின் உண்மை
மறுபிறவியின் உண்மை
Shyam Sundar Subramanian
3239.*पूर्णिका*
3239.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
Loading...