Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
26 Jan 2024 · 1 min read

गणतंत्र दिवस

कितने वीरों ने बलिदान दिए, कितनों ने अपनी ज़ान गवाईं थी।
तब कहीं जाकर देश ने वर्षों में, अपनी आज़ादी की ख़ुशी मनाई थी।।
सन् 50 में संविधान जो लिखा गया था, आज के दिन ही देश में लागू किया गया था।
और आज के दिन को सबकी सहमति से,गणतंत्र दिवस के रूप में चुना गया था।।
संविधान से ही वर्षों से देश में देश, और राज्यों की सरकारें भी चुनी जाती हैं।
जो नागरिकों को लोकतांत्रिक तरीक़े से देश में जीने का अधिकार दिलाती हैं।।
दिन था ऐतिहासिक इसलिए हर वर्ष इसे हम गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं।
करके याद बलिदानियों को वीर सपूतों को मिलकर श्रद्धा के सुमन चढ़ाते हैं।।
डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने ले के सलामी, देश को पूर्ण गणतंत्र राष्ट्र का दर्जा दिया।
और देश के बच्चे बच्चे ने 26 जनवरी को, गणतंत्र दिवस के रूप में स्वीकार किया।।
कहे विजय बिजनौरी सबको मिलकर देश के संविधान को सर्वोपरि बनाना है।
कर उपयोग मतों का अपने अपने देश से वंशवाद और जातिवाद को ख़त्म कराना है।।
हर बच्चे के दिल में देशप्रेम का अलख और देशभक्ति का जज़्बा हमें जगाना है।
हर साल उठाकर क़सम संविधान की आज के दिन ही अखंड भारत पर भी तिरंगा लहराना है।।

विजय कुमार अग्रवाल
विजय बिजनौरी।

Language: Hindi
104 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from विजय कुमार अग्रवाल
View all
You may also like:
رام کے نام کی سب کو یہ دہائی دینگے
رام کے نام کی سب کو یہ دہائی دینگے
अरशद रसूल बदायूंनी
अवसरवादी, झूठे, मक्कार, मतलबी, बेईमान और चुगलखोर मित्र से अच
अवसरवादी, झूठे, मक्कार, मतलबी, बेईमान और चुगलखोर मित्र से अच
विमला महरिया मौज
One-sided love
One-sided love
Bidyadhar Mantry
मै भी सुना सकता हूँ
मै भी सुना सकता हूँ
Anil chobisa
🙅सोचो तो सही🙅
🙅सोचो तो सही🙅
*Author प्रणय प्रभात*
जिंदगी
जिंदगी
Sangeeta Beniwal
अलबेला अब्र
अलबेला अब्र
डॉक्टर वासिफ़ काज़ी
फूल और खंजर
फूल और खंजर
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
*खड़ी हूँ अभी उसी की गली*
*खड़ी हूँ अभी उसी की गली*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
हम कितने चैतन्य
हम कितने चैतन्य
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
किताब का दर्द
किताब का दर्द
Dr. Man Mohan Krishna
नाम लिख तो दिया और मिटा भी दिया
नाम लिख तो दिया और मिटा भी दिया
SHAMA PARVEEN
तितली रानी
तितली रानी
Vishnu Prasad 'panchotiya'
21वीं सदी के सपने (पुरस्कृत निबंध) / मुसाफिर बैठा
21वीं सदी के सपने (पुरस्कृत निबंध) / मुसाफिर बैठा
Dr MusafiR BaithA
"देश भक्ति गीत"
Slok maurya "umang"
वीर हनुमान
वीर हनुमान
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
प्यार या प्रतिशोध में
प्यार या प्रतिशोध में
Keshav kishor Kumar
2) भीड़
2) भीड़
पूनम झा 'प्रथमा'
फितरत
फितरत
Srishty Bansal
"रुपया"
Dr. Kishan tandon kranti
लहर आजादी की
लहर आजादी की
चक्षिमा भारद्वाज"खुशी"
*ख़ुशी की बछिया* ( 15 of 25 )
*ख़ुशी की बछिया* ( 15 of 25 )
Kshma Urmila
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
अतुल वरदान है हिंदी, सकल सम्मान है हिंदी।
अतुल वरदान है हिंदी, सकल सम्मान है हिंदी।
Neelam Sharma
पिछले पन्ने भाग 1
पिछले पन्ने भाग 1
Paras Nath Jha
*वैराग्य (सात दोहे)*
*वैराग्य (सात दोहे)*
Ravi Prakash
खिलेंगे फूल राहों में
खिलेंगे फूल राहों में
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
जो चाहो यदि वह मिले,
जो चाहो यदि वह मिले,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
महाप्रलय
महाप्रलय
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
Never settle for less than you deserve.
Never settle for less than you deserve.
पूर्वार्थ
Loading...