Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
31 Jan 2023 · 1 min read

ख्वाहिशें आँगन की मिट्टी में, दम तोड़ती हुई सी सो गयी, दरार पड़ी दीवारों की ईंटें भी चोरी हो गयीं।

शब्दों के इस भीड़ में, भाषा आँखों की तिरस्कृत हो गयी,
शोर करती रहीं धड़कनें, माला साँसों की खंडित हो गयी।
ख्वाहिशें आँगन की मिट्टी में, दम तोड़ती हुई सी सो गयी,
दरार पड़ी दीवारों की ईंटें भी चोरी हो गयीं।
क़िस्मत की वो कश्तियाँ, वक़्त के तूफ़ानों में रुस्वा हो गयीं,
साहिलों ने दी ऐसी ठोकरें की लहरें भी खामोशी में रो गयीं।
रंगीन नजारें शहर के थे, जो कोरी आँखों से बदरंग सी हो गयी,
बोली लगी थी दर्द की, नीलामी खुद की खुशियों की हो गयी।
जब जल रहे थे खुद में हीं, तब बौछार सपनों की हो गयी,
सहमे क़दम बढ़ाये हीं, की पहचान खुद की चिता से हो गयी।
हाथों की लकीरें बस खंजरों की निशानी में तब्दील सी हो गयी,
चमके जब तारे बनकर, मोहब्बत क्षितिज की विरानगी से हो गयी।

2 Likes · 227 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Manisha Manjari
View all
You may also like:
मन की गांठ
मन की गांठ
Sangeeta Beniwal
दिल की हसरत नहीं कि अब वो मेरी हो जाए
दिल की हसरत नहीं कि अब वो मेरी हो जाए
शिव प्रताप लोधी
दिसम्बर की रातों ने बदल दिया कैलेंडर /लवकुश यादव
दिसम्बर की रातों ने बदल दिया कैलेंडर /लवकुश यादव "अज़ल"
लवकुश यादव "अज़ल"
"डूबना"
Dr. Kishan tandon kranti
तेरी चाहत में सच तो तुम हो
तेरी चाहत में सच तो तुम हो
Neeraj Agarwal
एक ही बात याद रखो अपने जीवन में कि ...
एक ही बात याद रखो अपने जीवन में कि ...
Vinod Patel
रोटी रूदन
रोटी रूदन
Jeewan Singh 'जीवनसवारो'
खुद को इतना मजबूत बनाइए कि लोग आपसे प्यार करने के लिए मजबूर
खुद को इतना मजबूत बनाइए कि लोग आपसे प्यार करने के लिए मजबूर
ruby kumari
पत्नीजी मायके गयी,
पत्नीजी मायके गयी,
Satish Srijan
तुझसे मिलते हुए यूँ तो एक जमाना गुजरा
तुझसे मिलते हुए यूँ तो एक जमाना गुजरा
Rashmi Ranjan
दवा की तलाश में रहा दुआ को छोड़कर,
दवा की तलाश में रहा दुआ को छोड़कर,
Vishal babu (vishu)
कुछ दर्द।
कुछ दर्द।
Taj Mohammad
नन्हीं - सी प्यारी गौरैया।
नन्हीं - सी प्यारी गौरैया।
Anil Mishra Prahari
इश्क़ ❤️
इश्क़ ❤️
Skanda Joshi
*इंद्र घबराने लगे (मुक्तक)*
*इंद्र घबराने लगे (मुक्तक)*
Ravi Prakash
■ आज का शेर...
■ आज का शेर...
*Author प्रणय प्रभात*
अंतिम इच्छा
अंतिम इच्छा
Shekhar Chandra Mitra
बात पुरानी याद आई
बात पुरानी याद आई
नूरफातिमा खातून नूरी
खांचे में बंट गए हैं अपराधी
खांचे में बंट गए हैं अपराधी
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
Rose Day 7 Feb 23
Rose Day 7 Feb 23
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
अगर प्यार  की राह  पर हम चलेंगे
अगर प्यार की राह पर हम चलेंगे
Dr Archana Gupta
उसने कौन से जन्म का हिसाब चुकता किया है
उसने कौन से जन्म का हिसाब चुकता किया है
कवि दीपक बवेजा
🥀 *अज्ञानी की✍*🥀
🥀 *अज्ञानी की✍*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
लहर आजादी की
लहर आजादी की
चक्षिमा भारद्वाज"खुशी"
हिन्दी ग़ज़ल के कथ्य का सत्य +रमेशराज
हिन्दी ग़ज़ल के कथ्य का सत्य +रमेशराज
कवि रमेशराज
गोधरा
गोधरा
Prakash Chandra
जो पड़ते हैं प्रेम में...
जो पड़ते हैं प्रेम में...
लक्ष्मी सिंह
23/08.छत्तीसगढ़ी पूर्णिका
23/08.छत्तीसगढ़ी पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
*साँसों ने तड़फना कब छोड़ा*
*साँसों ने तड़फना कब छोड़ा*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
तुम्हें नहीं पता, तुम कितनों के जान हो…
तुम्हें नहीं पता, तुम कितनों के जान हो…
Anand Kumar
Loading...