Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
30 Mar 2024 · 1 min read

खोज करो तुम मन के अंदर

खोज करो तुम मन के अंदर,
मन मंदिर है तन के अंदर,
विराजमान जहाँ मस्त कलंदर,
सत्य है अंदर ,
जग है भ्रम वहम दर्पण।

मोह लोभ क्रोध भय काम वसन,
मारा बन घेरेंगे हर क्षण,
दुःख ढायेंगे करेंगे त्रस्त,
पथ से अपने भटकना ना तुम,
खोज ना लेना जीवन का सत्य ।

उसी मार्ग का होगे तुम ज्ञानी,
एक नया मार्ग चुन कर तुम दोगे,
समय अनुकूल होगा जो उत्तम,
मिल जाएगा उस परम सत्य से,
जिसका तुम हो एक अंश।

युगों युगों से ये धरा और जगत है,
माया जाल में उलझ चुके सब,
हर एक युग में जन्म लिए है,
देवदूत खोजने को सत्य,
मसीहा पैग़म्बर राम कृष्ण कबीर।

महान बुद्ध भी आये जग में,
देने दुःख मुक्ति का मार्ग,
किया सत्य की खोज जग में,
शांति को स्थापित करके,
कलयुग में लाये है भोर।

गुजरा युग हो या आने वाला भविष्य,
ज्ञान पिपासा जन्म लेती है जरूर,
जिसने मिटाया मिथ्या इस जग से,
खोजी है वह,
करता सत्य की खोज।

रचनाकार –
बुद्ध प्रकाश ,
मौदहा हमीरपुर।

4 Likes · 56 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Buddha Prakash
View all
You may also like:
आज कल के दौर के लोग किसी एक इंसान , परिवार या  रिश्ते को इतन
आज कल के दौर के लोग किसी एक इंसान , परिवार या रिश्ते को इतन
पूर्वार्थ
शिव-शक्ति लास्य
शिव-शक्ति लास्य
ऋचा पाठक पंत
जिसके पास क्रोध है,
जिसके पास क्रोध है,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
संसार का स्वरूप (2)
संसार का स्वरूप (2)
ठाकुर प्रतापसिंह "राणाजी"
गाती हैं सब इंद्रियॉं, आता जब मधुमास(कुंडलिया)
गाती हैं सब इंद्रियॉं, आता जब मधुमास(कुंडलिया)
Ravi Prakash
मै तो हूं मद मस्त मौला
मै तो हूं मद मस्त मौला
नेताम आर सी
वो मेरे दिल के एहसास अब समझता नहीं है।
वो मेरे दिल के एहसास अब समझता नहीं है।
Faiza Tasleem
एक नायक भक्त महान 🌿🌿
एक नायक भक्त महान 🌿🌿
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
■ मेरा जीवन, मेरा उसूल। 😊
■ मेरा जीवन, मेरा उसूल। 😊
*Author प्रणय प्रभात*
चिड़िया
चिड़िया
Kanchan Khanna
2835. *पूर्णिका*
2835. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
जीवन दर्शन
जीवन दर्शन
Prakash Chandra
"लोकगीत" (छाई देसवा पे महंगाई ऐसी समया आई राम)
Slok maurya "umang"
हार भी स्वीकार हो
हार भी स्वीकार हो
Dr fauzia Naseem shad
आरती करुँ विनायक की
आरती करुँ विनायक की
gurudeenverma198
जी रहे हैं सब इस शहर में बेज़ार से
जी रहे हैं सब इस शहर में बेज़ार से
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
पढ़ाई
पढ़ाई
Kanchan Alok Malu
शुभ प्रभात मित्रो !
शुभ प्रभात मित्रो !
Mahesh Jain 'Jyoti'
*।। मित्रता और सुदामा की दरिद्रता।।*
*।। मित्रता और सुदामा की दरिद्रता।।*
Radhakishan R. Mundhra
मेरी औकात
मेरी औकात
साहित्य गौरव
कोई मिले जो  गले लगा ले
कोई मिले जो गले लगा ले
दुष्यन्त 'बाबा'
विभेद दें।
विभेद दें।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
"तुलना"
Dr. Kishan tandon kranti
मिलन
मिलन
Gurdeep Saggu
यथार्थवादी कविता के रस-तत्त्व +रमेशराज
यथार्थवादी कविता के रस-तत्त्व +रमेशराज
कवि रमेशराज
तू मुझे क्या समझेगा
तू मुझे क्या समझेगा
Arti Bhadauria
★बादल★
★बादल★
★ IPS KAMAL THAKUR ★
मूल्य मंत्र
मूल्य मंत्र
ओंकार मिश्र
एक बार बोल क्यों नहीं
एक बार बोल क्यों नहीं
goutam shaw
बचपन का प्यार
बचपन का प्यार
Dr. Pradeep Kumar Sharma
Loading...