Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
6 Nov 2023 · 1 min read

* खुशियां मनाएं *

** गीतिका **
~
स्वीकार कर खूब खुशियां मनाएं।
जब भी मुहब्बत का पैगाम पाएं।

बिल्कुल पराया न समझें किसी को।
समरस भरे भाव मन में जगाएं।

आभार उनका हमें है जताना।
अपनत्व कोई हमें जब दिखाएं।

भँवरे सभी को सुहाते बहुत हैं।
जब भी कभी बाग में गुनगुनाएं।

महके किसी फूल को देखते ही।
मन में सुखद जागती भावनाएं।

पथ है भरा कंटकों से हमारा।
मंजिल मिलेगी स्वयं को बचाएं।

निज जिन्दगी से हटाकर हताशा।
हर पग निरंतर सुपथ पर बढ़ाएं।
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
-सुरेन्द्रपाल वैद्य, ०६/११/२०२३

1 Like · 1 Comment · 57 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from surenderpal vaidya
View all
You may also like:
🔥वक्त🔥
🔥वक्त🔥
सुरेश अजगल्ले 'इन्द्र '
गर्मी आई
गर्मी आई
Dr. Pradeep Kumar Sharma
मिर्जा पंडित
मिर्जा पंडित
Harish Chandra Pande
आज तो ठान लिया है
आज तो ठान लिया है
shabina. Naaz
Subah ki hva suru hui,
Subah ki hva suru hui,
Stuti tiwari
*योग शब्द का अर्थ ध्यान में, निराकार को पाना ( गीत)*
*योग शब्द का अर्थ ध्यान में, निराकार को पाना ( गीत)*
Ravi Prakash
खवाब
खवाब
Swami Ganganiya
सौंदर्य मां वसुधा की🙏
सौंदर्य मां वसुधा की🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
भारत कि स्वतंत्रता का वर्तमान एवं इतिहास
भारत कि स्वतंत्रता का वर्तमान एवं इतिहास
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
कोई कितना
कोई कितना
Dr fauzia Naseem shad
चलो कहीं दूर जाएँ हम, यहाँ हमें जी नहीं लगता !
चलो कहीं दूर जाएँ हम, यहाँ हमें जी नहीं लगता !
DrLakshman Jha Parimal
संघर्षी वृक्ष
संघर्षी वृक्ष
Vikram soni
काट  रहे  सब  पेड़   नहीं  यह, सोच  रहे  परिणाम भयावह।
काट रहे सब पेड़ नहीं यह, सोच रहे परिणाम भयावह।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
मुक्तक
मुक्तक
डॉक्टर रागिनी
मुझे भी जीने दो (भ्रूण हत्या की कविता)
मुझे भी जीने दो (भ्रूण हत्या की कविता)
Dr. Kishan Karigar
*अज्ञानी की कलम*
*अज्ञानी की कलम*
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
मुक्तक
मुक्तक
sushil sarna
कविता -
कविता - "सर्दी की रातें"
Anand Sharma
सत्य की खोज
सत्य की खोज
Neeraj Agarwal
■ भगवान के लिए, ख़ुदा के वास्ते।।
■ भगवान के लिए, ख़ुदा के वास्ते।।
*Author प्रणय प्रभात*
अकथ कथा
अकथ कथा
Neelam Sharma
लहरों पर चलता जीवन
लहरों पर चलता जीवन
मनोज कर्ण
पागल बना दिया
पागल बना दिया
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
23/66.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/66.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
राह नहीं मंजिल नहीं बस अनजाना सफर है
राह नहीं मंजिल नहीं बस अनजाना सफर है
ठाकुर प्रतापसिंह "राणाजी"
अगर दिल में प्रीत तो भगवान मिल जाए।
अगर दिल में प्रीत तो भगवान मिल जाए।
Priya princess panwar
"कवि और नेता"
Dr. Kishan tandon kranti
बीमार घर/ (नवगीत)
बीमार घर/ (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
सुनो पहाड़ की....!!! (भाग - ३)
सुनो पहाड़ की....!!! (भाग - ३)
Kanchan Khanna
उजियारी ऋतुओं में भरती
उजियारी ऋतुओं में भरती
Rashmi Sanjay
Loading...