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2 Jan 2024 · 1 min read

खुद पर भी यकीं,हम पर थोड़ा एतबार रख।

खुद पर भी यकीं,हम पर थोड़ा एतबार रख।
अपने साथ,आब-ए-चश्म का आबशार रख।।

जो मुकद्दर मे लिखा होगा, मिल ही जायेगा।
सब्र के साथ-साथ,थोड़ा-बहुत इंतजार रख।।

अदावत के हिमायती भी, दोस्त बन जायेंगे।
मिलनसार होकर,सबके साथ सरोकार रख।।

राह-ए-हयात के सफर में,यूं मंजिल मिलेगी।
खुद को आज हर तदबीर का, पैरोकार रख।।

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