Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
30 Jun 2016 · 1 min read

क्रांति

गीतिका
वतन में उपद्रव बहुत छा गया है।
पुनः क्रांति का अब समय आ गया है।

चढा जा रहा चीन उसको भुला दो ।
हमें लूट आंखे दिखाता गया है।

न भारत की’ सेवा से’ मोडे कभी मुख।
जिसे राष्ट्र से भक्ति सुख भा गया है।

बढाते चलो राष्ट्र अपना शिखर तक।
यही राष्ट्र हमको बढाता गया है।

पडो लोभ में मत बनो मूर्ख मत तुम।
यही शास्त्र सबको सिखाता गया है।

अंकित शर्मा’ इषुप्रिय’
रामपुर कलाँ,सबलगढ(म.प्र.)

302 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'
View all
You may also like:
शिव ही बनाते हैं मधुमय जीवन
शिव ही बनाते हैं मधुमय जीवन
कवि रमेशराज
"कुपढ़ बस्ती के लोगों ने,
*Author प्रणय प्रभात*
युवा संवाद
युवा संवाद
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
आईना बोला मुझसे
आईना बोला मुझसे
Kanchan Advaita
क्या रखा है? वार में,
क्या रखा है? वार में,
Dushyant Kumar
नज़्म/कविता - जब अहसासों में तू बसी है
नज़्म/कविता - जब अहसासों में तू बसी है
अनिल कुमार
हर सुबह जन्म लेकर,रात को खत्म हो जाती हूं
हर सुबह जन्म लेकर,रात को खत्म हो जाती हूं
Pramila sultan
"वो दिन"
Dr. Kishan tandon kranti
हर शय¹ की अहमियत होती है अपनी-अपनी जगह
हर शय¹ की अहमियत होती है अपनी-अपनी जगह
_सुलेखा.
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
असमान शिक्षा केंद्र
असमान शिक्षा केंद्र
Sanjay ' शून्य'
किसी की प्रशंसा एक हद में ही करो ताकि प्रशंसा एवं 'खुजाने' म
किसी की प्रशंसा एक हद में ही करो ताकि प्रशंसा एवं 'खुजाने' म
Dr MusafiR BaithA
Yu hi wakt ko hatheli pat utha kar
Yu hi wakt ko hatheli pat utha kar
Sakshi Tripathi
लिख दो किताबों पर मां और बापू का नाम याद आए तो पढ़ो सुबह दोप
लिख दो किताबों पर मां और बापू का नाम याद आए तो पढ़ो सुबह दोप
★ IPS KAMAL THAKUR ★
(20) सजर #
(20) सजर #
Kishore Nigam
छल छल छलके आँख से,
छल छल छलके आँख से,
sushil sarna
#ekabodhbalak
#ekabodhbalak
DR ARUN KUMAR SHASTRI
क्योंकि मैं किसान हूँ।
क्योंकि मैं किसान हूँ।
Vishnu Prasad 'panchotiya'
मुक्तक
मुक्तक
anupma vaani
आपको दिल से हम दुआ देंगे।
आपको दिल से हम दुआ देंगे।
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
नारी
नारी
Dr Parveen Thakur
असतो मा सद्गमय
असतो मा सद्गमय
Kanchan Khanna
Just like a lonely star, I am staying here visible but far.
Just like a lonely star, I am staying here visible but far.
Manisha Manjari
अब तुझपे किसने किया है सितम
अब तुझपे किसने किया है सितम
gurudeenverma198
श्याम-राधा घनाक्षरी
श्याम-राधा घनाक्षरी
Suryakant Dwivedi
2434.पूर्णिका
2434.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
*संगीत के क्षेत्र में रामपुर की भूमिका : नेमत खान सदारंग से
*संगीत के क्षेत्र में रामपुर की भूमिका : नेमत खान सदारंग से
Ravi Prakash
व्यस्तता
व्यस्तता
Surya Barman
मंज़र
मंज़र
अखिलेश 'अखिल'
आज का महाभारत 2
आज का महाभारत 2
Dr. Pradeep Kumar Sharma
Loading...