Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
5 Feb 2024 · 1 min read

क्यों इन्द्रदेव?

एक रात सपने में मिल गए इंद्र,
वही चण्द्रमा के फ्रेंड, ‘अहिल्या-फेम, देवराज इंद्र,
इंद्र तो इंद्र थे, तेज से दमकते थे,
अपनी सहस्त्र नेत्रों के साथ दिव्य भी लगते थे,
मैंने कहा इंद्र जी! आपके देवत्व को प्रणाम है…
क्या आपको अहिल्या के शाप का थोड़ा भी भान है?
शापित आप भी थे, पर आपको ‘फेवर’ मिल गया,
देवों की सिफारिश से सहस्त्र लिंग चिन्ह का शाप , सहस्त्र आँख में बदल गया,
यानी शाप के रूप में आपको वरदान मिला,
चण्द्रमा भी बच गया, सिर्फ एक निशान मिला
पर अहिल्या युगों तक तपड़ती रही…
पत्थर बनी वह राम की राह तकती रही
ये कैसा न्याय है? आप ही बतायें,
आप मानव नहीं भगवान हैं,
अपना ईश्वरीय एंगिल दिखलायें..
क्यों आपने अपना देवत्व नहीं दिखाया?
आपके गुनाह की सज़ा पा रही,
अहिल्या को, क्यों नहीं बचाया?
क्या आप गौतम मुनि के श्राप से डरे थे?
क्यों आप सामने नहीं आए, कहाँ छिप कर खड़े थे?
एक त्रुटि पर ब्रह्मा भी अपूज्य हो गए,
आख़िर कैसे आप अन्याय करके बच गए?
आज भी आप इंद्र हैं, पूज्य हैं आज भी
परन्तु अहिल्या सी महिलायें शापित, तापित, अभिशप्त सी आज भी रोती हैं…….
कलयुग में किसी राम की बाट जोहती हैं

1 Like · 79 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
भूख से लोग
भूख से लोग
Dr fauzia Naseem shad
हाय अल्ला
हाय अल्ला
DR ARUN KUMAR SHASTRI
तुलसी युग 'मानस' बना,
तुलसी युग 'मानस' बना,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
आज जो कल ना रहेगा
आज जो कल ना रहेगा
Ramswaroop Dinkar
सपने तेरे है तो संघर्ष करना होगा
सपने तेरे है तो संघर्ष करना होगा
पूर्वार्थ
उम्र आते ही ....
उम्र आते ही ....
sushil sarna
दोहा
दोहा
दुष्यन्त 'बाबा'
#शिवाजी_के_अल्फाज़
#शिवाजी_के_अल्फाज़
Abhishek Shrivastava "Shivaji"
दृढ़ निश्चय
दृढ़ निश्चय
RAKESH RAKESH
*खुशबू*
*खुशबू*
Shashi kala vyas
निर्वात का साथी🙏
निर्वात का साथी🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
प्रेम विवाह करने वालों को सलाह
प्रेम विवाह करने वालों को सलाह
Satish Srijan
"गहराई में बसी है"
Dr. Kishan tandon kranti
🙂
🙂
Sukoon
ख़ता हुई थी
ख़ता हुई थी
हिमांशु Kulshrestha
2628.पूर्णिका
2628.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
वक्त-ए-रूखसती पे उसने पीछे मुड़ के देखा था
वक्त-ए-रूखसती पे उसने पीछे मुड़ के देखा था
Shweta Soni
... सच्चे मीत
... सच्चे मीत
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
■ आज की बात
■ आज की बात
*Author प्रणय प्रभात*
Mental Health
Mental Health
Bidyadhar Mantry
आत्मविश्वास
आत्मविश्वास
Shyam Sundar Subramanian
रक्षाबंधन
रक्षाबंधन
Dr. Pradeep Kumar Sharma
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
तू भी धक्के खा, हे मुसाफिर ! ,
तू भी धक्के खा, हे मुसाफिर ! ,
Buddha Prakash
मोहन कृष्ण मुरारी
मोहन कृष्ण मुरारी
Mamta Rani
Still I rise!
Still I rise!
Sridevi Sridhar
विश्वकप-2023
विश्वकप-2023
World Cup-2023 Top story (विश्वकप-2023, भारत)
राहों में उनके कांटे बिछा दिए
राहों में उनके कांटे बिछा दिए
Tushar Singh
*कबूतर (बाल कविता)*
*कबूतर (बाल कविता)*
Ravi Prakash
शर्म करो
शर्म करो
Sanjay ' शून्य'
Loading...