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3 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-325💐

कौन ला रहा है आज के ज़माने में सितारे तोड़कर,
कोई नहीं फेंक रहा है ख़त जग़ह जग़ह मोड़कर,
तो मुझसे कभी उन्होंने कहा ही नहीं किसी बाबत,
तोहमत क्यों लगा रहे हैं वो ही गए मुझे छोड़कर।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
496 Views
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