Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
20 Sep 2016 · 1 min read

कोन समझाये

कोन समझाये इस जवानी को
शर्म आयेगी खानदानी को

गर सँभल तुम सके न देख कर
वक्त छोड़ेगा तब निशानी को

देश की देखरेख कैसे हो
जब डसे साँप राजधानी को

आज कोई नया न अपनाये
लोग अजमा रहे पुरानी को

डूब जाओगे गीत में मेरे
जब कभी तुम सुनो रवानी को

डॉ मधु त्रिवेदी

69 Likes · 604 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from DR.MDHU TRIVEDI
View all
You may also like:
चोंच से सहला रहे हैं जो परों को
चोंच से सहला रहे हैं जो परों को
Shivkumar Bilagrami
नेता सोये चैन से,
नेता सोये चैन से,
sushil sarna
अगर आप में व्यर्थ का अहंकार है परन्तु इंसानियत नहीं है; तो म
अगर आप में व्यर्थ का अहंकार है परन्तु इंसानियत नहीं है; तो म
विमला महरिया मौज
कुंडलिया छंद
कुंडलिया छंद
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
आपसे गुफ्तगू ज़रूरी है
आपसे गुफ्तगू ज़रूरी है
Surinder blackpen
*कभी  प्यार में  कोई तिजारत ना हो*
*कभी प्यार में कोई तिजारत ना हो*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
2867.*पूर्णिका*
2867.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
जब वक्त ने साथ छोड़ दिया...
जब वक्त ने साथ छोड़ दिया...
Ashish shukla
पुस्तक
पुस्तक
जगदीश लववंशी
चेहरे पे लगा उनके अभी..
चेहरे पे लगा उनके अभी..
Dr. Rajendra Singh 'Rahi'
अब तो
अब तो "वायरस" के भी
*Author प्रणय प्रभात*
उसकी अदा
उसकी अदा
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
ज़िन्दगी चल नए सफर पर।
ज़िन्दगी चल नए सफर पर।
Taj Mohammad
तिरंगा
तिरंगा
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
चंद्रयान-3
चंद्रयान-3
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
Kagaj ki nav ban gyi mai
Kagaj ki nav ban gyi mai
Sakshi Tripathi
मैं तो हमेशा बस मुस्कुरा के चलता हूॅ॑
मैं तो हमेशा बस मुस्कुरा के चलता हूॅ॑
VINOD CHAUHAN
*बलशाली हनुमान (कुंडलिया)*
*बलशाली हनुमान (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
आसान नही सिर्फ सुनके किसी का किरदार आंकना
आसान नही सिर्फ सुनके किसी का किरदार आंकना
Kumar lalit
‘ विरोधरस ‘---5. तेवरी में विरोधरस -- रमेशराज
‘ विरोधरस ‘---5. तेवरी में विरोधरस -- रमेशराज
कवि रमेशराज
ये लखनऊ है ज़नाब
ये लखनऊ है ज़नाब
Satish Srijan
बिना कोई परिश्रम के, न किस्मत रंग लाती है।
बिना कोई परिश्रम के, न किस्मत रंग लाती है।
सत्य कुमार प्रेमी
ज़ख़्म दिल का
ज़ख़्म दिल का
मनोज कर्ण
हवन
हवन
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
*साम वेदना*
*साम वेदना*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
*****सूरज न निकला*****
*****सूरज न निकला*****
Kavita Chouhan
दुनिया के मेले
दुनिया के मेले
Shekhar Chandra Mitra
आदित्य(सूरज)!
आदित्य(सूरज)!
Abhinay Krishna Prajapati-.-(kavyash)
💐प्रेम कौतुक-271💐
💐प्रेम कौतुक-271💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
Loading...