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5 May 2023 · 1 min read

के कितना बिगड़ गए हो तुम

के कितना बिगड़ गए हो तुम, क्या तुम्हे याद भी है,
के कितना बदल गए हो तुम, क्या तुम्हे याद भी है,

सोचते हो तुम खुद में ही, कि जैसे खुदा हुए हो तुम,
सोच के देखो एक पल तुम, कि जैसे हवा हुए हो तुम,

नहीं चाहा जो तुमने जो, कि कैसे अदब से रहना है,
नहीं चल पाओगे फिर तुम, कि कैसे संभल के चलना है,

के कितना भटक गए हो तुम, क्या तुम्हे याद भी है,
के कितना बिगड़ गए हो तुम, क्या तुम्हे याद भी है,

!! आकाशवाणी !!

Language: Hindi
1 Like · 333 Views
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