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23 Mar 2024 · 1 min read

केवल पंखों से कभी,

केवल पंखों से कभी,
मुमकिन नहीं उड़ान ।
जब तक मन में हो नहीं,
उड़ने का अरमान ।।

सुशील सरना / 23-3-24

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