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25 Sep 2016 · 1 min read

कृपया स्तुति

मुक्तक
प्रेम पुंज करुणायतन, मुरलीधर चित- चोर।
रूप राशि निज दास पर, करो कृपा की कोर।
प्यास बढे दर्शन किये, पूर्ण तृप्ति के धाम।
लख मन मूरति श्याम की, होकर भाव विभोर।
अंकित शर्मा ‘इषुप्रिय’
रामपुर कलाँ,सबलगढ(म.प्र.)

Language: Hindi
1 Like · 298 Views
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Books from अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'
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