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10 Apr 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-540💐

कुछ तो असर है वाक़ई इन पयामों का दिल पर,
जाने कब किससे हटेगा उनका यह बोझ दिल पर,
कुछ तो कहें मेरे हिसाब सा इस ज़माने के लिए,
अब कोई न हाथ फेरेगा उनसा फ़क़त मेरे दिल पर।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”
सब लिख दिया है, कुछ हो सके तो देखो।छोड़ो फिर।हम तो ग़रीब ही ठीक हैं।

Language: Hindi
493 Views
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