Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
5 Dec 2023 · 1 min read

किसी मोड़ पर अब रुकेंगे नहीं हम।

किसी मोड़ पर अब रुकेंगे नहीं हम।
कभी भावना में बहेंगे नहीं हम।
खिले मन लिए जब दिशा एक होगी।
हुए बिन सफल अब रहेंगे नहीं हम
~~~~~
-सुरेन्द्रपाल वैद्य, ०५/१२/२०२३

1 Like · 1 Comment · 140 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from surenderpal vaidya
View all
You may also like:
साए
साए
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
चाह नहीं मुझे , बनकर मैं नेता - व्यंग्य
चाह नहीं मुझे , बनकर मैं नेता - व्यंग्य
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
बेटी को पंख के साथ डंक भी दो
बेटी को पंख के साथ डंक भी दो
ऐ./सी.राकेश देवडे़ बिरसावादी
आँखे हैं दो लेकिन नज़र एक ही आता है
आँखे हैं दो लेकिन नज़र एक ही आता है
शेखर सिंह
आँख खुलते ही हमे उसकी सख़्त ज़रूरत होती है
आँख खुलते ही हमे उसकी सख़्त ज़रूरत होती है
KAJAL NAGAR
घर-घर तिरंगा
घर-घर तिरंगा
Jeewan Singh 'जीवनसवारो'
*तपसी वेश सिया का पाया (कुछ चौपाइयॉं)*
*तपसी वेश सिया का पाया (कुछ चौपाइयॉं)*
Ravi Prakash
टाँगतोड़ ग़ज़ल / MUSAFIR BAITHA
टाँगतोड़ ग़ज़ल / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
गंगा घाट
गंगा घाट
Preeti Sharma Aseem
जीवन दिव्य बन जाता
जीवन दिव्य बन जाता
निरंजन कुमार तिलक 'अंकुर'
जबसे उनको रकीब माना है।
जबसे उनको रकीब माना है।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
ठगी
ठगी
भवानी सिंह धानका 'भूधर'
एक सवाल ज़िंदगी है
एक सवाल ज़िंदगी है
Dr fauzia Naseem shad
द्रुत विलम्बित छंद (गणतंत्रता दिवस)-'प्यासा
द्रुत विलम्बित छंद (गणतंत्रता दिवस)-'प्यासा"
Vijay kumar Pandey
दोहे- अनुराग
दोहे- अनुराग
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
सब खो गए इधर-उधर अपनी तलाश में
सब खो गए इधर-उधर अपनी तलाश में
Shweta Soni
खुदीराम बोस की शहादत का अपमान
खुदीराम बोस की शहादत का अपमान
कवि रमेशराज
2379.पूर्णिका
2379.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
गुरु हो साथ तो मंजिल अधूरा हो नही सकता
गुरु हो साथ तो मंजिल अधूरा हो नही सकता
Diwakar Mahto
रिश्ते
रिश्ते
Mamta Rani
*आज का संदेश*
*आज का संदेश*
*Author प्रणय प्रभात*
"जीवन का आनन्द"
Dr. Kishan tandon kranti
थक गये चौकीदार
थक गये चौकीदार
Shyamsingh Lodhi Rajput (Tejpuriya)
बनाकर रास्ता दुनिया से जाने को क्या है
बनाकर रास्ता दुनिया से जाने को क्या है
कवि दीपक बवेजा
जिंदगी है बहुत अनमोल
जिंदगी है बहुत अनमोल
gurudeenverma198
अनसुलझे किस्से
अनसुलझे किस्से
Mahender Singh
मैं लिखती नहीं
मैं लिखती नहीं
Davina Amar Thakral
एक तरफ़ा मोहब्बत
एक तरफ़ा मोहब्बत
Madhuyanka Raj
हम भी बहुत अजीब हैं, अजीब थे, अजीब रहेंगे,
हम भी बहुत अजीब हैं, अजीब थे, अजीब रहेंगे,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
खामोस है जमीं खामोस आसमां ,
खामोस है जमीं खामोस आसमां ,
Neeraj Mishra " नीर "
Loading...