Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
7 Apr 2023 · 1 min read

किसी की गलती देखकर तुम शोर ना करो

किसी की गलती देखकर तुम शोर ना करो
चोर की चोरी को देखकर चोर-चोर ना करो।

कुछ रिश्ते टूटने की जिद पर है अगर तोड़ दो
किसी से रिश्ते निभाने का तुम जोर ना करो।।

✍️कवि दीपक सरल

1 Like · 516 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
घमंड
घमंड
Ranjeet kumar patre
गुफ्तगू
गुफ्तगू
Naushaba Suriya
प्रणय 10
प्रणय 10
Ankita Patel
बदलती फितरत
बदलती फितरत
Sûrëkhâ Rãthí
बड़ी मोहब्बतों से संवारा था हमने उन्हें जो पराए हुए है।
बड़ी मोहब्बतों से संवारा था हमने उन्हें जो पराए हुए है।
Taj Mohammad
गृहस्थ के राम
गृहस्थ के राम
Sanjay ' शून्य'
*अभी भी शादियों में खर्च, सबकी प्राथमिकता है (मुक्तक)*
*अभी भी शादियों में खर्च, सबकी प्राथमिकता है (मुक्तक)*
Ravi Prakash
Exploring the Vast Dimensions of the Universe
Exploring the Vast Dimensions of the Universe
Shyam Sundar Subramanian
महंगाई के इस दौर में भी
महंगाई के इस दौर में भी
Kailash singh
मुझको मेरा हिसाब देना है
मुझको मेरा हिसाब देना है
Dr fauzia Naseem shad
"काली सोच, काले कृत्य,
*Author प्रणय प्रभात*
बज्जिका के पहिला कवि ताले राम
बज्जिका के पहिला कवि ताले राम
Udaya Narayan Singh
राष्ट्र निर्माण को जीवन का उद्देश्य बनाया था
राष्ट्र निर्माण को जीवन का उद्देश्य बनाया था
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
जैसे ये घर महकाया है वैसे वो आँगन महकाना
जैसे ये घर महकाया है वैसे वो आँगन महकाना
Dr Archana Gupta
बाल कविता: जंगल का बाज़ार
बाल कविता: जंगल का बाज़ार
Rajesh Kumar Arjun
राष्ट्रीय किसान दिवस
राष्ट्रीय किसान दिवस
Akash Yadav
बंदूक से अत्यंत ज़्यादा विचार घातक होते हैं,
बंदूक से अत्यंत ज़्यादा विचार घातक होते हैं,
शेखर सिंह
🌷🌷  *
🌷🌷 *"स्कंदमाता"*🌷🌷
Shashi kala vyas
किराये की कोख
किराये की कोख
Dr. Kishan tandon kranti
जिंदगी के कोरे कागज पर कलम की नोक ज्यादा तेज है...
जिंदगी के कोरे कागज पर कलम की नोक ज्यादा तेज है...
कवि दीपक बवेजा
मुक्तक
मुक्तक
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
💐प्रेम कौतुक-443💐
💐प्रेम कौतुक-443💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
संध्या वंदन कीजिए,
संध्या वंदन कीजिए,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
" दम घुटते तरुवर "
Dr Meenu Poonia
कहो जय भीम
कहो जय भीम
Jayvind Singh Ngariya Ji Datia MP 475661
3300.⚘ *पूर्णिका* ⚘
3300.⚘ *पूर्णिका* ⚘
Dr.Khedu Bharti
एक टऽ खरहा एक टऽ मूस
एक टऽ खरहा एक टऽ मूस
डॉ. श्री रमण 'श्रीपद्'
तुझे नेकियों के मुँह से
तुझे नेकियों के मुँह से
Shweta Soni
वेद प्रताप वैदिक को शब्द श्रद्धांजलि
वेद प्रताप वैदिक को शब्द श्रद्धांजलि
Dr Manju Saini
हम कितने आँसू पीते हैं।
हम कितने आँसू पीते हैं।
Anil Mishra Prahari
Loading...