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2 Jun 2016 · 1 min read

कहती गई

सच तेरी मुहब्बत में हमेशा,मैं यूँ ही बहती गई ,
मुहब्बत की दरिया में बह,आज यहाँ आ गई,
याद है मुझे वो लम्हे,जो कभी गुजारा था यहाँ,
पता ही न चला कि कब किनारे से दूर हो गई,

लालजी ठाकुर

Language: Hindi
Tag: कविता
354 Views
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