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29 Jan 2024 · 1 min read

कभी न दिखावे का तुम दान करना

जीवन का इतना
सम्मान करना
कभी न स्वयं पर
अभिमान करना।

कर्तव्य तेरा हो
उद्देश्य-ए-जीवन।
देश पर प्राणों का
बलिदान करना।

इससे बड़ा है
नहीं दान कोई
हृदय के तल से
क्षमादान करना।

पुन्य का केवल
साक्षी हो ईश्वर।
कभी न दिखावे का
तुम दान करना।

डाॅ फौज़िया नसीम शाद

Language: Hindi
5 Likes · 94 Views
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