Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
4 Sep 2023 · 1 min read

कदम पीछे हटाना मत

** गीतिका **
~~
बढ़े हैं जो कदम पीछे हटाना मत।
कहो अब मुश्किलों को पास आना मत।

उड़ा दी ठोकरों से आज हर बाधा।
हमें हर बार यूं ही आजमाना मत।

नया उत्साह हर पल हो बढ़ा जाता।
पुरानी बात को मन से लगाना मत।

धरातल पर उतर कर बात कर लेना।
कभी सपने हवा में अब दिखाना मत।

सहायक बन सको तो बात है अच्छी।
जरूरी है गरीबों को सताना मत।

वजन जितना उठे उतना उठा लेना।
कभी सीमा से’ अपनी पार जाना मत।
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
-सुरेन्द्रपाल वैद्य, मण्डी (हि.प्र.)

2 Likes · 2 Comments · 147 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from surenderpal vaidya
View all
You may also like:
पिता
पिता
विजय कुमार अग्रवाल
"मीरा के प्रेम में विरह वेदना ऐसी थी"
Ekta chitrangini
धन्य हैं वो बेटे जिसे माँ-बाप का भरपूर प्यार मिलता है । कुछ
धन्य हैं वो बेटे जिसे माँ-बाप का भरपूर प्यार मिलता है । कुछ
Dr. Man Mohan Krishna
औरों की तरह हर्फ़ नहीं हैं अपना;
औरों की तरह हर्फ़ नहीं हैं अपना;
manjula chauhan
बाजार से सब कुछ मिल जाता है,
बाजार से सब कुछ मिल जाता है,
Shubham Pandey (S P)
दरख़्त और व्यक्तित्व
दरख़्त और व्यक्तित्व
Dr Parveen Thakur
गुम है
गुम है
Punam Pande
कुछ बातें ईश्वर पर छोड़ दें
कुछ बातें ईश्वर पर छोड़ दें
Sushil chauhan
रुसवा दिल
रुसवा दिल
Akash Yadav
3206.*पूर्णिका*
3206.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
"धन्य प्रीत की रीत.."
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
राम से बड़ा राम का नाम
राम से बड़ा राम का नाम
Anil chobisa
"अभिव्यक्ति"
Dr. Kishan tandon kranti
जख्म भी रूठ गया है अबतो
जख्म भी रूठ गया है अबतो
सिद्धार्थ गोरखपुरी
हम पचास के पार
हम पचास के पार
Sanjay Narayan
-- ग़दर 2 --
-- ग़दर 2 --
गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
रामचरितमानस दर्शन : एक पठनीय समीक्षात्मक पुस्तक
रामचरितमानस दर्शन : एक पठनीय समीक्षात्मक पुस्तक
Ravi Prakash
इस दुनिया में कोई भी मजबूर नहीं होता बस अपने आदतों से बाज़ आ
इस दुनिया में कोई भी मजबूर नहीं होता बस अपने आदतों से बाज़ आ
Rj Anand Prajapati
नदी
नदी
नूरफातिमा खातून नूरी
सच ज़िंदगी और जीवन में अंतर हैं
सच ज़िंदगी और जीवन में अंतर हैं
Neeraj Agarwal
हार जाती मैं
हार जाती मैं
Yogi B
"ख़्वाहिशें उतनी सी कीजे जो मुक़म्मल हो सकें।
*Author प्रणय प्रभात*
आप किससे प्यार करते हैं?
आप किससे प्यार करते हैं?
Otteri Selvakumar
पते की बात - दीपक नीलपदम्
पते की बात - दीपक नीलपदम्
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
अक्ल का अंधा - सूरत सीरत
अक्ल का अंधा - सूरत सीरत
DR ARUN KUMAR SHASTRI
मिला है जब से साथ तुम्हारा
मिला है जब से साथ तुम्हारा
Ram Krishan Rastogi
Kagaj ki nav ban gyi mai
Kagaj ki nav ban gyi mai
Sakshi Tripathi
साहित्य में साहस और तर्क का संचार करने वाले लेखक हैं मुसाफ़िर बैठा : ARTICLE – डॉ. कार्तिक चौधरी
साहित्य में साहस और तर्क का संचार करने वाले लेखक हैं मुसाफ़िर बैठा : ARTICLE – डॉ. कार्तिक चौधरी
Dr MusafiR BaithA
मोबाइल महात्म्य (व्यंग्य कहानी)
मोबाइल महात्म्य (व्यंग्य कहानी)
Dr. Pradeep Kumar Sharma
देखो-देखो आया सावन।
देखो-देखो आया सावन।
लक्ष्मी सिंह
Loading...